हरियाणा में मिलर्स को चावल सप्लाई करने में हो रही परेशानी, सरकार के सामने रखी ये मांग
हरियाणा में चावल मिलर्स को CMR सप्लाई में FRK की कमी के कारण परेशानी हो रही है. केवल चार एजेंसियां FRK सप्लाई कर रही हैं, जिससे कई मिलों की गतिविधियां ठप हैं. सरकार ने समयबद्ध आपूर्ति तय की है, लेकिन देरी से मिलर्स डेडलाइन पूरा नहीं कर पाएंगे.
Haryana Agriculture News: हरियाणा में चावल मिलर्स को कस्टम मिल्ड राइस (CMR) सरकारी एजेंसियों को सप्लाई करने में परेशानी हो रही है. इसकी वजह फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) की कमी है, जिसे नियम के अनुसार CMR में एक फीसदी मिलाना जरूरी है. मिलर्स का कहना है कि सरकार ने FRK सप्लाई के लिए चार एजेंसियां हाल ही में तय की हैं, लेकिन अभी सैंपलिंग पूरी नहीं हुई है, इसलिए वास्तविक सप्लाई में देरी हो रही है.
मिलर्स के मुताबिक पूरी प्रक्रिया में 15-20 दिन लग सकते हैं, जिससे FCI को चावल की आपूर्ति देर से होगी और मिलों में पड़ा चावल खराब होने का खतरा भी बढ़ेगा. CMR नीति के तहत मिलर्स को आवंटित धान के बदले 67 फीसदी चावल देना होता है, जिसमें FRK मिलाना अनिवार्य है. मिलर्स का आरोप है कि पहले FRK सरकार की ओर से उपलब्ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में व्यवस्था बदल दी गई. अब उन्हें गिने-चुने निजी सप्लायर्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे FRK की कालाबाजारी की आशंका है.
FRK के बिना FCI को चावल देना संभव नहीं
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, करनाल राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने कहा कि FRK के बिना FCI को चावल देना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 1,350 मिलर्स CMR से जुड़े हैं, जबकि FRK सप्लायर सिर्फ चार हैं, जिससे मांग पूरी होना मुश्किल है. मिलर्स ने सरकार से FRK जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है. FRK की कमी के कारण कई चावल मिलों की गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं. मिलर्स ने कहा कि पहले कुछ चावल अस्थायी अनुमति के तहत FRK के बिना सप्लाई किए गए थे, लेकिन अब काम पूरी तरह से रुक गया है.
मिलर्स को CMR की आपूर्ति तय समय पर करनी है
नई नीति के तहत मिलर्स को CMR की आपूर्ति तय समय पर करनी है. दिसंबर तक 15 फीसदी, जनवरी अंत तक 25 फीसदी, फरवरी अंत तक 20 फीसदी, मार्च अंत तक 15 फीसदी, मई अंत तक 15 फीसदी और जून अंत तक बाकी 10 फीसदी है. मिलर्स ने चेताया है कि FRK की देर से उपलब्धता इन डेडलाइन को पूरा करने में बाधा डाल सकती है और उन्हें पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि यह उनकी गलती नहीं है.
59.41 लाख मीट्रिक टन धान आवंटित किया गया
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के मिलर्स को कुल 59.41 लाख मीट्रिक टन धान आवंटित किया गया है. इसके मुकाबले उन्हें 39.81 लाख टन चावल और इसमें 1 फीसदी FRK (लगभग 0.59 लाख टन) मिलाकर सप्लाई करना है. खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पहचानित एजेंसियां सैंपलिंग पूरी होने के बाद FRK मिलों को सप्लाई करेंगी, लेकिन इसमें कुछ दिनों का समय लग सकता है.