UP News: किसानों की बल्ले-बल्ले! ड्रैगन फ्रूट पर ₹1.62 लाख की सब्सिडी, गेंदा पर 40 प्रतिशत अनुदान, ऐसे करें आवेदन
Mukhyamantri Audyanik Vikas Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार ‘मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना’ के तहत किसानों को ड्रैगन फ्रूट और गेंदा फूल की खेती पर आकर्षक सब्सिडी दे रही है. गेंदा पर 40% तक अनुदान और ड्रैगन फ्रूट पर ₹1.62 लाख प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित करना है.
UP Government Farmer Scheme: उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार नई पहल कर रही है. पारंपरिक फसलों के साथ-साथ अब किसानों को ऐसी फसलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिनकी बाजार में अधिक मांग और बेहतर कीमत मिलती है. ‘सुपरफूड’ माने जाने वाले ड्रैगन फ्रूट और सालभर मांग में रहने वाले गेंदा फूल को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने खास योजना लागू की है.
‘मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना’ का लाभ
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री औद्यानिक विकास योजना (Mukhyamantri Audyanik Vikas Yojana) के तहत किसानों को ड्रैगन फ्रूट और गेंदा फूल की खेती पर अनुदान दिया जा रहा है. इस योजना का उद्देश्य किसानों को नकदी फसलों की ओर आकर्षित करना और उनकी आय में स्थायी वृद्धि करना है.
सरकार का मानना है कि यदि किसान पारंपरिक अनाज फसलों के साथ-साथ बागवानी और वैल्यू एडेड फसलों को अपनाएं, तो उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सकता है.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
इस योजना के अंतर्गत गेंदा फूल की खेती करने वाले किसानों को कुल लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा. इससे खेती की शुरुआती लागत कम होगी और किसानों का लाभ बढ़ेगा.
वहीं ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सरकार प्रति हेक्टेयर लगभग ₹1.62 लाख तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है. क्योंकि इस फसल की शुरुआती लागत अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसलिए यह सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है.
ड्रैगन फ्रूट क्यों है फायदे का सौदा?
ड्रैगन फ्रूट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार पौधारोपण करने के बाद किसान कई वर्षों तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. आमतौर पर डेढ़ साल के भीतर फल आना शुरू हो जाता है और यह पौधा करीब 20 से 25 साल तक उपज देता है.
फरवरी-मार्च का समय इसकी खेती के लिए बेस्ट माना जाता है. सेहत के लिहाज से भी यह फल लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है, क्योंकि इसमें पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसी कारण बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है.
गेंदा फूल की सालभर मांग
गेंदा फूल धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में पूरे साल उपयोग किया जाता है. शादी-ब्याह, त्योहार और पूजा-पाठ के दौरान इसकी मांग बढ़ जाती है. यही वजह है कि फूलों की खेती करने वाले किसानों को नियमित आय का अवसर मिलता है.
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान अपने जिले के उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं या राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के समय आधार कार्ड, खतौनी की प्रति, बैंक पासबुक और फोटो जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे. लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा.
सरकार की यह पहल किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक और लाभकारी फसलों की ओर ले जाने का प्रयास है. यदि किसान सही मार्गदर्शन और योजना के साथ इन फसलों को अपनाते हैं, तो उनकी आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है.