पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का मुआवजा.. कैबिनेट से मिली मंजूरी
बाढ़ प्रभावित अमृतसर, फतेहपुर और फाजिल्का के सभी गांवों में तीन सदस्यीय समितियां बनाई जाएंगी, जो नुकसान का आकलन करेंगी. हर समिति में संबंधित पटवारी, लांबरदार और सरपंच (या उनका प्रतिनिधि) शामिल होंगे, ताकि वास्तविक किसान की पहचान हो और सही मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके.
Punjab News: पंजाब सरकार ने किसानों के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं. पंजाब कैबिनेट ने फसल मुआवजे की मंजूरी दी है. यानी अब फसल नुकसान की मार झेल रहे किसानों के खातों में जल्द ही मुआवजा राशि जारी की जाएगी. खास बात यह है कि इस मुआजवा को उन किसानों के लिए मंजूरी दी गई है, जिन्होंने सरकारी जमीन पर खेती की थी और पिछले साल अगस्त- सितंबर में आए बाढ़ में नुकसान झेला था. साथ ही राज्य सरकार ने अप्रैल से राज्य के 40 लाख ब्लू कार्ड धारकों को राशन किट वितरण शुरू करने का फैसला लिया है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित अमृतसर, फतेहपुर और फाजिल्का के सभी गांवों में तीन सदस्यीय समितियां बनाई जाएंगी, जो नुकसान का आकलन करेंगी. हर समिति में संबंधित पटवारी, लांबरदार और सरपंच (या उनका प्रतिनिधि) शामिल होंगे, ताकि वास्तविक किसान की पहचान हो और सही मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के अनुसार, अमृतसर में 2,800 एकड़, फतेहपुर में 5,200 एकड़ और फाजिल्का में 3,000 एकड़ जमीन पर किसान खेती कर रहे थे.
सैकड़ों किसानों को मिलेगा मुआवजा
हरपाल चीमा ने कहा कि 1976 से यह जमीन सरकारी नाम पर है और किसान इसको जोतने वाले थे. 2015 में राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव करके मालिकाना हक की कॉलम में राज्य सरकार का नाम दर्ज कर दिया गया. उन्होंने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते, हमें उन सैकड़ों किसानों का मुआवजा देना चाहिए, जो बड़े नुकसान झेल चुके हैं.
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉर्पोरेशन (PSIEC) की वन-टाइम सेटेलमेंट (OTS) योजना की अवधि बढ़ाने को भी मंजूरी दी. यह योजना उन प्लॉट आवंटनों के लंबित बकाया निपटाने में मदद करती है. इसके तहत 1 जनवरी 2020 या उससे पहले जारी रद्द किए गए आवंटनों को OTS में आवेदन करके और भुगतान करने पर बहाल किया जा सकता है. इस योजना की अंतिम तारीख 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून 2026 कर दी गई है.
40 लाख ब्लू कार्ड धारकों को मिलेगा योजना का लाभ
साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब सरकार अप्रैल से राज्य के 40 लाख ब्लू कार्ड धारकों को राशन किट वितरण शुरू करेगी. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह घोषणा चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद की. ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत हर ब्लू कार्ड धारक परिवार को 2 किलो दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो आयोडीन नमक, 200 ग्राम हल्दी और 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा, इसके साथ ही उन्हें हर महीने मुफ्त मिलने वाला गेहूं भी मिलेगा. योजना अप्रैल से तीन महीने तक लागू रहेगी. सरकार ने इस योजना के लिए 1,000 करोड़ रुपये अलग रखे हैं. किटें MARKFED बनाएगा और वितरण खाद्य एवं आपूर्ति विभाग करेगा.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह विडंबना है कि पंजाब देश के लाखों लोगों को खाना देता है, लेकिन राज्य में कई परिवारों को सिर्फ एक समय का भोजन मिलता है. उन्होंने कहा कि हमारे बच्चे कुपोषित हैं और उनमें आयरन की कमी है. जो भोजन उन्हें मिलता है, वह प्रोटीन में कमजोर है. एक कल्याणकारी सरकार के रूप में हमारी जिम्मेदारी है कि हर नागरिक को पौष्टिक भोजन मिले.
महिला दिवस के अवसर पर पेश होगा बजट
मान ने कहा कि सभी लाभार्थियों को अच्छी गुणवत्ता का राशन देने के लिए नियमित गुणवत्ता जांच की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट सत्र 6 से 16 मार्च तक होगा और बजट प्रस्ताव 8 मार्च, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पेश किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चुनाव आयोग को विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन में पूरा सहयोग देगी, लेकिन किसी भी तरह के वोटर हटाने के कदम का विरोध करेगी. वहीं, राज्य सरकार के इन फैसलों से किसानों के साथ-साथ आम जनता में खुशी की लहर है. किसानों का कहना है कि मुआजा राशि जारी होने पर उन्हें राहत मिलेगी.