किसानों को फसल मुआवजा देने की शुरूआत, युवा किसान को सोयाबीन खराब होने पर मिली बीमा राशि

Crop Compensation: खराब मौसम से गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं. जिन फसलों की कटाई का समय नजदीक था, वे खेतों में ही गिर गईं या पूरी तरह खराब हो गईं. किसानों को मुआवजा राशि जारी मिलने का इंतजार है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 22 Feb, 2026 | 05:28 PM

बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान होने पर पीएम फसल बीमा योजना के जरिए भरपाई कराई जा रही है. खरीफ सीजन में बारिश और आंधी से खराब हुई सोयाबीन फसल के लिए युवा किसान को मुआवजा राशि जारी कर दी गई है. किसान की सजगता के चलते 10 दिन में ही राशि का भुगतान कर दिया गया है. वहीं, अब रबी सीजन में बैमौसम बारिश से खराब हुई फसल का भुगतान भी जारी होने की उम्मीद की जा रही है. जनवरी 2026 से लेकर फरवरी तक रुक रुककर हुई बारिश से मध्य प्रदेश में सैकड़ों हेक्टेयर में गेहूं, आलू और दलहन फसलों को नुकसान पहुंचा है.

बैतूल के किसान दुर्गेश को मिली राशि

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में प्रभात पाटन तहसील के गांव मासौद के किसान दुर्गेश कुमार ने कहा कि उनकी सोयाबीन फसल खराब हो गई थी, जिसके लिए उन्हें पीएम फसल बीमा योजना के तहत 30 हजार रुपये का भुगतान किया गया है. युवा किसान दुर्गेश कुमान ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री फसल बीमा के अंतर्गत मेरी खरीफ की फसल 2025 में सोयाबीन की फसल खराब हो गई थी, जिसकी सूचना मैंने हेल्पलाइन नंबर 14747 पर दी. इसके प्रतिनिधि 10 दिन के भीतर मेरे खेत में आए और फसल नुकसान का आकलन कर के गए थे. उन्होंने मेरी शिकायत दर्ज कराई और मुझे सहायता राशि के रूप में 30000 दिलवाए.

madhya pradesh crop compensation

दुर्गेश कुमार को पीएम फसल बीमा का लाभ मिला.

खरीफ सीजन के लिए 23 लाख किसानों को मिले थे 1800 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन में बारिश के चलते और पीला मोजेक कीट की वजह से खराब हुई धान की फसल के लिए किसानों को 27 नवंबर 2025 को मुआवजा राशि जारी की थी. मुख्यमंत्री मोहन यादव श्योपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम के जरिए 3 लाख से अधिक किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर किए थे. मध्य प्रदेश में 23 लाख से अधिक किसानों की फसलें बारिश और बाढ़ के चलते तबाह हुई हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री पीड़ित किसानों को 1802 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दे चुके हैं.

रबी सीजन की गेहूं समेत कई फसलें खराब मौसम से चौपट

जनवरी 2026 से फरवरी तक रुक रुककर हुई बारिश और ओलावृष्टि के साथ तेज चलीं हवाओं ने किसानों का भारी नुकसान कराया है. मध्यप्रदेश में बीते करीब 20 दिनों से मौसम खराब चल रहा है और इससे फसलों को नुकसान हो रहा है. रतलाम जिले के कई क्षेत्रों में बीते मंगलवार रात 11 बजे के बाद कई स्थानों पर बेमौसम बारिश हुई. रुक-रुक कर पूरी रात जारी रही बारिश से गेहूं, चना को नुकसान हुआ है. जबकि कई हिस्सों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई. भोपाल के आसपास सीहोर, रायसेन और विदिशा में हालात सबसे ज्यादा खराब रहे. इसके अलावा ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और आसपास के जिलों में भी किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा. खराब मौसम से गेहूं, चना, सरसों और मसूर जैसी रबी की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं. जिन फसलों की कटाई का समय नजदीक था, वे खेतों में ही गिर गईं या पूरी तरह खराब हो गईं.

सरकार ने फसल नुकसान पर मुआवजा राशि तय

रबी सीजन की फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए मध्य प्रदेश सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया है गया है कि मुआवजा दिया जाएगा. जिन किसानों की फसल पूरी तरह यानी 100 फीसदी खराब हुई है, उन्हें प्रति हेक्टेयर 32 हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी. वहीं, जिन किसानों की फसल को 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है, उन्हें 16 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिए जाएंगे. इसके अलावा जिन क्षेत्रों में करीब 25 फीसदी फसलों में नुकसान दर्ज किया गया है वहां के किसानों को 9,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता दी जाएगी. बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार ने बजट में पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस राशि से किसानों के मुआवजे की भरपाई भी की जाएगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 22 Feb, 2026 | 05:26 PM

आम में सबसे ज्यादा पाया जाने वाला विटामिन कौन सा है?