Buffalo Milk Price Haryana: हरियाणा के कई इलाकों में आने वाले दिनों में दूध खरीदना लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है. राज्य के कुछ जिलों में डेयरी किसानों और स्थानीय डेयरी ऑपरेटरों ने दूध के दाम बढ़ाने का फैसला किया है. इसके बाद भैंस के दूध की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है. दूध के साथ-साथ घी के दाम भी बढ़ाए गए हैं. खास बात यह है कि कुछ स्थानीय डेयरी संघों ने तय कीमत से कम पर दूध या दूध से बने उत्पाद बेचने वालों पर 21,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का फैसला किया है. हालांकि, यह जुर्माना किसी सरकारी आदेश का हिस्सा नहीं है, बल्कि स्थानीय डेयरी संघों का अपना फैसला है.
आखिर क्यों बढ़ाए जा रहे दूध के दाम?
डेयरी किसानों का कहना है कि पशुओं को पालने का खर्च लगातार बढ़ रहा है. मौजूदा समय में भैंस का दूध करीब 60 से 80 रुपये प्रति लीटर और गाय का दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा है. किसानों के मुताबिक इन कीमतों पर दूध का कारोबार चलाना मुश्किल होता जा रहा है. डेयरी ऑपरेटर्स एसोसिएशन के मुताबिक पशु चारे की कीमत 1,800 रुपये से बढ़कर करीब 3,000 रुपये तक पहुंच गई है. वहीं गेहूं के भूसे की कीमत भी बढ़कर करीब 1,000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. इसके अलावा पशुओं की देखभाल, दूध की ढुलाई और दूसरे खर्च भी बढ़े हैं. किसानों का कहना है कि इन बढ़ती लागत के मुकाबले दूध की खरीद कीमत में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई है.
जुलाना में तय हुई नई कीमतें
जींद के जुलाना में डेयरी ऑपरेटर्स की बैठक में नई दरें तय की गई हैं. इसके तहत भैंस के दूध की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर और गाय के दूध की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर रखी गई है. इसके अलावा भैंस के घी का दाम 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम और गाय के दूध से बने घी का दाम 2,500 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है. स्थानीय संघ ने यह भी कहा है कि तय कीमत से कम पर दूध या दूध से बने उत्पाद बेचने वालों पर 21,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. कुछ स्थानीय समूहों के मुताबिक ये नई दरें 4-5 सितंबर से लागू हो सकती हैं.
दूसरे जिलों में भी बढ़ सकते हैं दाम
दूध की कीमत बढ़ाने का फैसला सिर्फ जुलाना तक सीमित नहीं है. जींद के अलावा कुरुक्षेत्र, कैथल, रोहतक और हिसार के कुछ गांवों में भी इसी तरह के फैसले लिए जाने की जानकारी सामने आई है. इससे आने वाले दिनों में इन इलाकों में दूध और उससे जुड़े उत्पादों की कीमत बढ़ने की संभावना है. खासकर भैंस के दूध का इस्तेमाल चाय, मिठाई, दही और घी समेत कई चीजों में होता है. ऐसे में दूध महंगा होने का असर घर के रोजमर्रा के बजट पर भी पड़ सकता है.
किसानों की मांग, खरीद कीमत भी बढ़े
डेयरी किसानों का कहना है कि सिर्फ खुदरा कीमत बढ़ाने से समस्या का पूरा समाधान नहीं होगा. उन्होंने ‘विटा’ सहकारी संयंत्रों को ज्ञापन देकर कच्चे दूध की खरीद कीमत में 2 से 3 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की मांग की है. किसानों का तर्क है कि अगर दूध की खरीद कीमत नहीं बढ़ाई गई तो चारे और पशु आहार की बढ़ती लागत का बोझ छोटे और सीमांत पशुपालकों पर पड़ता रहेगा.