अगर महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और लासलगांव APMC में प्याज बेचने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो यह खबर जरूर पढ़ लें. नहीं तो आपको बिना प्याज बेचे ही वापस आना पड़ेगा, क्योंकि देश के सबसे बड़े थोक प्याज बाजार लासलगांव APMC 26 मार्च से 1 अप्रैल तक बंद है. इस दौरान प्याज की नीलामी भी बंद रहेगी. ऐसे में अगर आप प्याज बेचने की प्लानिंग बना रहे हैं, तो एक हफ्ते के लिए उसे रोक दें. वरना परेशानी तो होगी ही और साथ में माल ढुवाई का किराया भी बर्बाद हो जाएगा.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मंडी बंद रहने का का कारण छुट्टियां और साल के अंत में होने वाले प्रशासनिक काम बताए गए हैं. APMC ने किसानों से अपील की है कि इस दौरान अपने प्याज बाजार में न लाएं, क्योंकि व्यापार और सहायक सेवाएं बंद रहेंगी. प्याज की नीलामी और सामान्य कामकाज 2 अप्रैल से फिर से शुरू होगा. इस दौरान 30 मार्च को राम नवमी की छुट्टी है और 31 मार्च को व्यापारी बाहर जाने के कारण बाजार बंद रहेगा.
31 मार्च को महावीर जयन्ती के कारण छुट्टी रहेगी
शनिवार को बैंक बंद होने के कारण छुट्टी घोषित की गई है, जिससे लेन-देन संभव नहीं होगा. इसके बाद रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश है. सोमवार को मजदूरों की गैर-मौजूदगी के कारण बाजार गतिविधियां बंद रहेंगी. इसके अलावा, 31 मार्च को महावीर जयन्ती के कारण छुट्टी घोषित की गई है. बैंक भी उस दिन वित्तीय वर्ष के अंत की वजह से बंद रहेंगे, इसलिए बाजार समिति ने बंद रहने की अवधि बढ़ा दी है.
APMC में अगले एक हफ्ते तक प्याज की नीलामी नहीं होगी
इस वजह से लासलगांव APMC में अगले एक हफ्ते तक प्याज की नीलामी नहीं होगी. ऐसे बुधवार को लेट खरीफ प्याज का औसत थोक भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जिसमें न्यूनतम 300 और अधिकतम 1,080 रुपये प्रति क्विंटल था. उस दिन कुल 14,190 क्विंटल प्याज नीलाम हुआ. वहीं, गर्मियों के प्याज का औसत भाव 1,225 रुपये प्रति क्विंटल रहा, न्यूनतम 601 और अधिकतम 1,401 रुपये प्रति क्विंटल. इस दौरान 9,082 क्विंटल गर्मियों का प्याज नीलाम हुआ.
प्याज अप्रैल के पहले हफ्ते तक मंडियों में आता रहेगा
लेट खरीफ प्याज अप्रैल के पहले हफ्ते तक मंडियों में आता रहेगा. इसके विपरीत, गर्मियों के प्याज की आपूर्ति धीरे-धीरे बढ़ रही है और अगले 15 दिनों में तेजी से बढ़ने की संभावना है. लेट खरीफ प्याज की ताजा अवधि 25 दिन से कम होती है, इसलिए किसानों को इसे तुरंत मौजूदा बाजार भाव पर बेच देना पड़ता है. वहीं, गर्मियों का प्याज 6-7 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है, जिससे किसान अपने स्टॉक को जरूरत और बेहतर भाव की उम्मीद के अनुसार बेच सकते हैं.
CM ने उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की
वहीं, हाल ही में महाराष्ट्र में प्याज की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्याज की समस्या के स्थायी समाधान और तत्काल राहत के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाने की घोषणा की. विधान भवन में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्याज की कीमतों में बदलाव हर साल एक आम समस्या है, लेकिन वर्तमान संकट का सामना कर रहे प्याज किसानों को तुरंत मदद पहुंचाना जरूरी है. इस समिति में कृषि और वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और विपणन विभाग के सचिव शामिल हैं. समिति को किसानों की आय को स्थिर करने के लिए तुरंत लागू किए जाने वाले उपाय सुझाने का काम सौंपा गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए सिर्फ अस्थायी राहत नहीं, बल्कि स्थायी सुधार भी जरूरी हैं. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्याज की खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए लंबी अवधि के उपाय तैयार किए जाएं. इसलिए बनाई गई समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे तुरंत प्रभावी सिफारिशें दें और 2-3 महीनों में लंबे समय के समाधान भी तय करें.