किसानों को उनकी जमीन के अधिग्रहण किए जाने पर 4 गुना मुआवजा देने को मंजूरी दे दी गई है. मध्य प्रदेश कैबिनेट ने फैसला लिया है कि विकास कार्यों के लिए किसानों की ली जाने वाली जमीन का मुआवजा बाजार मूल्य से 4 गुना ज्यादा दिया जाएगा. कैबिनेट ने राज्य के इन्दौख-रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 157 करोड़ 14 लाख रुपये की स्वीकृति दी है और छिन्दवाडा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रूपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति दी है. इसके अलावा सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे प्रोजेक्ट और विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है.
कृषि भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा देने का फैसला
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि परिषद की बैठक में किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए कृषि भूमि के अधिग्रहण पर मल्टीफिकेशन फैक्टर को दोगुना करते हुए 2.0 कर दिया गया है. इससे अब अधिग्रहित कृषि भूमि का मुआवजा किसानों को दोगुना के स्थान पर बाजार दर से 4 गुना दिया जाएगा. यह निर्णय प्रदेश की ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अधिग्रहण पर लागू होगा. वहीं, कैबिनेट ने नगरीय सीमा में मुआवजा गुणन कारक को यथावत एक रखा गया है.
नदी जोड़ो और सिंहस्थ कुंभ के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध खत्म होंगे
कैबिनेट ने ‘ मध्यप्रदेश भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार नियम 2015 ‘ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जमीन अधिग्रहण का गुणन कारक (Multiplication Factor) बढ़ाकर 2.0 कर दिया गया है, जिससे किसानों को अब उनकी कृषि भूमि का बाजार दर से 4 गुना मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है. बता दें कि कैबिनेट के इस फैसले से राज्य में नदी जोड़ो परियोजना के लिए अधिग्रहीत जमीनों के लिए चल रहे विरोध प्रदर्शन शांत हो जाएंगे. वहीं, सिंहस्थ कुंभ के लिए अस्थाई शहर बसाने के लिए अधिग्रहीत की जा रही जमीन के लिए सरकार और किसान-ग्रामीणों के बीच पैदा विवाद भी खत्म हो सकेगा.
किसान संगठनों की सहमति से बनी रिपोर्ट
राज्य सरकार का कहना है कि कैबिनेट के निर्णयों से सिंचाई परियोजनाओं, सड़क, पुल, रेलवे और बांध निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से अधिग्रहित की जाने वाली कृषि भूमि पर किसानों को अधिक राशि मिल सकेगी. इससे न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि भूमि देने वाले किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार होगा. इस मुआवजा सिस्टम को मंजूरी देने से पहले विभिन्न किसान संगठन क्रेडाई,सीआईआई और फिक्की से चर्चा और अध्ययन के बाद यह मुआवजा रिपोर्ट तैयार की गई थी. कहा गया है कि सरकार के इस किसान-हितैषी निर्णय से प्रदेश के हजारों परिवारों को सीधा लाभ पहुंचेगा.
दो सिंचाई परियोजना के लिए 1100 करोड़ मंजूर
उज्जैन जिले की इन्दौख- रुदाहेड़ा सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की लागत राशि 157 करोड़ 14 लाख रुपये को मंजूरी दे दी गई है. इससे सिंचाई क्षेत्र 10,800 हेक्टेयर होगा. परियोजना से झारड़ा तहसील के 35 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ होगा. छिन्दवाड़ा सिंचाई काम्पलेक्स परियोजना में पुनर्वास के लिए 969 करोड़ रुपये के विशेष पुनर्वास पैकेज की स्वीकृति भी दी गई है. यह विशेष पैकेज विस्थापितों के अपेक्षित सहयोग के लिए केन-बेतवा अन्तर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना के समकक्ष दिए जाने का निर्णय लिया गया है.
600 से ज्यादा गांवों मिलेगी सिंचाई सुविधा
छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स परियोजना के अंतर्गत छिन्दवाड़ा जिले में संगम 1 बांध, संगम 2 बांध, रामघाट बांध एवं पांढुर्णा जिले में बेलेंसिग रिजर्वायर (पांढुर्णा) इस प्रकार कुल 4 बांध प्रस्तावित है, जिससे छिन्दवाड़ा एवं पांढुर्णा जिलों के 1,90,500 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी. परियोजना से छिन्दवाड़ा जिले के 369 एवं पांढुर्णा जिले के 259 ग्राम इस प्रकार कुल 628 ग्राम लाभान्वित होंगे.
लोक निर्माण अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 25,164 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है. सड़कों का निर्माण और संचालन के लिए 7 हजार 212 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. ग्रामीण सडकों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण कार्य के लिए 6 हजार 150 करोड रुपये, पुलों और सड़कों के के लिए 1 हजार 87 करोड़ रुपये, भवनों मरम्मत और विभागीय परिसंपत्तियों के लिए 765 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं पर मोटी रकम खर्च करने को सहमति दी गई है.