पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल के साथ ही जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा कि ईंधन की कालाबाजारी करने और किसानों को डीजल देने से मना करने पर सख्त एक्शन लिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों के लिए डीजल की आपूर्ति पक्की करें. बता दें कि जायद सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को डीजल की जरूरत है. ऐसे में कई इलाकों में किसानों को डीजल नहीं दिए जाने की शिकायतें मिल रही थीं.
किसानों को डीजल की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि ग्रामीण इलाकों में ईंधन आसानी से उपलब्ध नहीं है, लेकिन उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे किसानों को डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें. अगर किसानों को डीजल देने से मना किया गया तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि कि जायद सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए किसानों को डीजल की जरूरत है. ऐसे में कई इलाकों में किसानों को डीजल नहीं दिए जाने की शिकायतें मिल रही थीं.
किसानों के नाम पर डीजल की जमाखोरी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने शिरड़ी में शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उन्होंने किसानों के नाम पर ईंधन की कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की. सीएम ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में बिक्री में अचानक 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है. उन्होंने कहा कि कुछ जमाखोर किसानों के नाम पर ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी करके जमाखोरी कर रहे हैं और फिर से महंगे दाम बेचा जा रहे है. सीएम ने ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल और डीजल नहीं
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में ईंधन की कमी की खबरों के बीच जिला प्रशासन को किसानों के लिए डीजल की उपलब्धता पक्की करने के निर्देश दिए गए हैं. अभी ग्रामीण इलाकों में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं है. इस संबंध में मैंने सभी जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि जहां भी आवश्यक हो किसानों को डीजल उपलब्ध कराया जाए.
🕦 11.21am | 23-5-2026📍Shirdi.
LIVE | Media Interaction#Maharashtra #Shirdi https://t.co/Z6vygQX6eX
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) May 23, 2026
पेट्रोल-डीजल की बिक्री में 20 फीसदी की वृद्धि
पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति में संभावित रुकावट के डर से हुई घबराहट भरी खरीदारी के बीच महाराष्ट्र में मई के पहले पखवाड़े में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में लगभग 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है. आशंका जताई गई है कि कीमतें बढ़ने की संभावना को देखते हुए जमाखोर डीजल और पेट्रोल की जमाखोरी कर रहे हैं, जिसकी वजह से अचानक पेट्रोल-डीजल की खरीद के मामने और बिक्री में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.
कितना महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल
शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 87 पैसे और 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. इसके साथ ही खुदरा ईंधन की कीमतों में कुल बढ़ोतरी 10 दिन से भी कम समय में करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, क्योंकि सरकारी कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डाल दिया है. खुदरा ईंधन की कीमतों में लंबे समय तक कोई बदलाव न होने के बाद अब ये लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. यह ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें काफी ज्यादा हैं, रिफाइनिंग मार्जिन कम हो रहा है, और रुपया कमजोर पड़ रहा है, जिसके चलते आयात की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है.