Mandi Bhav: पाकिस्तान में 750 रुपये लहसुन तो 50 रुपये किलो हुआ आलू, 900 रुपये बिक रहा अनार

पाकिस्तान में महंगाई बढ़ गई है. सेब लगभग 550 रुपये, संतरा 450 रुपये, अनार 900 रुपये, केला 300 रुपये दर्जन और अमरूद 300 रुपये प्रति किलो मिल रहा है. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है.

नोएडा | Updated On: 23 Feb, 2026 | 12:00 PM

Vegetable Price Hike: रमजान के दौरान पाकिस्तान में महंगाई चरम पर पहुंच गई है. खास कर लाहौर में हरी सब्जियां और फल कुछ ज्यादा ही महंगे हो गए हैं. खुले बाजारों में आलू 40 से 50 पाकिस्तानी रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. इस तरह प्याज 90 रुपये, टमाटर करीब 150 रुपये, अदरक 350 रुपये और लहसुन 750 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. ऐसे में आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है. कहा जा रहा है कि महंगाई के चलते कई लोगों ने हरी सब्जियां ही खरीदनी छोड़ दी है. हालांकि, महंगाई को कंट्रोल करने के लिए जिला प्रशासन सख्ती कर रहा है.

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, रमजान शुरू होते ही लोग महंगे दामों से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में इन सब्सिडी वाले बाजारों का रुख कर रहे हैं. कई खरीदारों का कहना है कि स्थानीय दुकानदार ज्यादा मुनाफाखोरी  कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने उनसे खरीदारी बंद कर दी है. टाउनशिप के रमजान सहूलत बाजार में आए एक व्यक्ति ने कहा कि मदिना बाजार में दाम बहुत ज्यादा हैं, जिस कारण लोग औसत गुणवत्ता के बावजूद सस्ते सरकारी स्टॉल से सामान खरीदने को मजबूर हैं. जांच में खुले बाजार और सहूलत बाजार के दामों में बड़ा अंतर पाया गया है.

300 रुपये किलो बिक रहा है अमरूद

फलों के दाम और भी ज्यादा हैं. सेब लगभग 550 रुपये, संतरा 450 रुपये, अनार 900 रुपये, केला 300 रुपये दर्जन और अमरूद 300 रुपये प्रति किलो मिल रहा है. वहीं रमजान बाजारों की आधिकारिक सूची में दाम इससे कम हैं. दुकानदारों का कहना है कि वे सब्सिडी वाले स्टॉल  से मुकाबला नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें थोक खरीद और कम खर्च का फायदा मिलता है. प्रशासन का दावा है कि जमाखोरी और अधिक वसूली के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है. 3,424 दुकानों की जांच की गई और 8,52,000 रुपये जुर्माना लगाया गया. साथ ही 11 दुकानें सील की गईं और 12 केस दर्ज हुए. कुछ चीजों, जैसे चिकन और कुछ सब्जियों के दाम में थोड़ी कमी आई है, लेकिन महंगाई का दबाव बना हुआ है.

प्राइस इंडेक्स सालाना आधार पर 5.19 फीसदी बढ़ा

पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक 19 फरवरी को खत्म हुए हफ्ते में सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स  सालाना आधार पर 5.19 फीसदी बढ़ा, जो लगातार 29वां साप्ताहिक इजाफा है. लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी रमजान की शुरुआत में बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि बिना नियंत्रण के बढ़ रही महंगाई से आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों पर भी बोझ बढ़ रहा है. पंजाब सरकार ‘निगेहबान दस्तरख्वान’ जैसी योजनाओं का जिक्र कर राहत देने की बात कह रही है, लेकिन कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी भी असली राहत नहीं मिल पा रही है. यह खबर एक सिंडिकेटेड फीड से ली गई है और इसे ज्यों का त्यों प्रकाशित किया गया है.

Published: 23 Feb, 2026 | 11:51 AM

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