Mandi Bhav: एक साथ पूरे देश में क्यों आ रही है आलू के रेट में गिरावट, कब होगी किसानों की कमाई?

साल की शुरुआत में आलू की थोक कीमतें तेजी से गिर गई हैं. पुराने स्टॉक और नई फसल की बढ़ी आपूर्ति से आगरा, दिल्ली, कोलकाता और लुधियाना मंडियों में दाम कमजोर हुए हैं.. किसान मजबूरी में सड़क किनारे या सस्ते दाम पर आलू बेच रहे हैं, जबकि कोल्ड स्टोरेज में भारी स्टॉक पड़ा है.

नोएडा | Published: 10 Jan, 2026 | 03:08 PM

Potato Price Fall: साल की शुरुआत में ही आलू की कीमतों में तेजी से गिरावट देखी गई है.  उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में पिछले महीने 900-1,250 रुपये प्रति क्विंटल रहने वाला थोक भाव अब 500-650 रुपये प्रति क्विंटल रह गया है. पश्चिम बंगाल की कोलकाता मंडी में आलू के दाम 1,500-1,550 रुपये से घटकर 1,100-1,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गए हैं. वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर में थोक भाव 500-1,400 रुपये से गिरकर 300-900 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गए हैं. दिल्ली की मंडियों में भी आलू 800-1,400 रुपये से घटकर 300-900 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है. पंजाब के लुधियाना में थोक कीमतें 1,000-1,200 रुपये से घटकर 700-750 रुपये प्रति क्विंटल रह गई हैं.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, थोक कीमतों में यह गिरावट  खुदरा बाजारों में भी दिख रही है. पिछले महीने 20-25 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू अब 13-20 रुपये प्रति किलो के दाम पर उपलब्ध है. राज्यों की प्रमुख मंडियों में थोक भाव पिछले महीने काफी कम हो गए हैं, क्योंकि आलू की आपूर्ति बढ़ गई है. इस वजह से किसान अपनी फसल को सड़क किनारे बेचने या मजबूरी में सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर हैं. बाजार में इस गिरावट का मुख्य कारण पुराने स्टॉक हैं, जो अभी भी बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज में पड़े हैं, जबकि नई फसल आने लगी है.

पिछले महीने आलू की आपूर्ति बहुत ज्यादा रही

आगरा के आलू व्यापारी दीपक कुमार ने कहा कि मंडियों में पिछले महीने आलू की आपूर्ति बहुत ज्यादा रही, क्योंकि पिछले साल का स्टॉक अभी भी काफी मात्रा में मौजूद था और नई खेप भी आ रही थी, इसलिए कीमतें तेजी से गिर गईं. दिल्ली की आजादपुर मंडी  के व्यापारी विनेश कुमार ने कहा कि रोजाना 90-100 ट्रक आलू की खपत होती है, जबकि इस समय 130-140 ट्रक आ रहे हैं, जिससे सप्लाई ज्यादा हो गई है और दाम कमजोर हो गए हैं.

कोल्ड स्टोरेज 30 नवंबर तक खाली हो जाने चाहिए

पश्चिम बंगाल कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सदस्य गोविंद कजरिया ने कहा कि जो कोल्ड स्टोरेज  30 नवंबर तक खाली हो जाने चाहिए थे, वे अभी भी भरे हैं. राज्य में लगभग 50 लाख बोरी आलू अभी भी स्टोर में हैं. मध्य प्रदेश कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष हसमुख जैन ने कहा कि जो स्टोरेज आमतौर पर नवंबर में खाली हो जाते हैं, वे इस बार 15 जनवरी तक ही खाली होंगे. उन्होंने कहा कि पुराने आलू भी जल्दी मंडी में आए ताकि सड़न से बचा जा सके और नई खेप के आने से सप्लाई पर दबाव और बढ़ गया.

मंडियों में आलू 5-6 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं

इस समय मंडियों में आलू 5-6 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं, जबकि चिप्स बनाने वाली कंपनियों के लिए अच्छे क्वालिटी के आलू भी 8 रुपये प्रति किलो पर चले गए हैं. उन्होंने कहा कि कंपनियां फिलहाल सिर्फ जरूरत के अनुसार ही खरीद रही हैं और फरवरी से जब आलू कोल्ड स्टोरेज में जाने लगेंगे, तब खरीद बढ़ सकती है. वहीं, व्यापारी मानते हैं कि अगले महीने कीमतें सुधार सकती हैं, क्योंकि अधिक आलू कोल्ड स्टोरेज में चले जाएंगे और मंडियों में आने वाली खेप कम होगी.

 

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