इस साल महंगा खरीदना पड़ेगा आम, 200 रुपये किलो तक होगी कीमत.. जानें महंगाई की वजह

आम खाना हर किसी को पसंद है. शहर या गांव में सभी के पास अपने बाग नहीं होते हैं. इसिलए मार्केट से खरीदना पड़ता है. लेकिन इस साल आम बहुत ज्यादा महंगा बिकेगा. इसिलए आम खरीदने के लिए पिछले साल के मुकाबले ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 22 Apr, 2026 | 05:57 PM

Mango Production: कर्नाटक में इस साल आम का उत्पादन कम होने की संभावना है, जिससे आम की कीमतें बढ़ सकती हैं. अनुमान है कि उत्पादन करीब 5 लाख टन तक घट जाएगा. आमतौर पर राज्य में 16 लाख टन से ज्यादा आम पैदा होता है, लेकिन इस बार यह घटकर 10 से 11 लाख टन रह सकता है. उत्पादन कम होने की वजह से बाजार में आम के दाम 150 से 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं. इससे आम खाने के शौकीनों और किसानों, दोनों पर असर पड़ेगा. ये जानकारी कर्नाटक राज्य आम विकास और विपणन निगम (मैंगो बोर्ड) ने दी है.

इस साल आम के पेड़ों में शुरुआत में फूल अच्छी तरह आए थे और मौसम भी अनुकूल था. लेकिन बाद में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जिससे फूल और फल बनने की प्रक्रिया पर असर पड़ा. मैंगो बोर्ड के प्रबंध निदेशक वेदामूर्ति आरटी ने ‘ द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया कि मादा-नर (हर्माफ्रोडाइट) फूल, जो फल बनने के लिए जरूरी होते हैं, उनकी संख्या कम रही और नर फूल ज्यादा थे, इसलिए उत्पादन घट गया. उन्होंने यह भी बताया कि पाउडरी मिल्ड्यू नाम की फंगल बीमारी के कारण भी फूल झड़ गए. पिछले करीब पांच सालों से मैंगो बोर्ड हर साल उत्पादन में कमी के लिए ऐसे ही कारण बता रहा है.

कोई ठोस समाधान अभी तक लागू नहीं हो पाया

हालांकि इन समस्याओं का कोई ठोस समाधान अभी तक लागू नहीं हो पाया है, जिसकी बड़ी वजह फंड की कमी  बताई जा रही है. मैंगो बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, पिछले दो सालों में सरकार ने किसानों की मदद के लिए पर्याप्त धन जारी नहीं किया. कोलार जिला मैंगो ग्रोअर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नीलतूरु चिनप्पा रेड्डी ने कहा कि मैंगो बोर्ड अक्सर पैसों की कमी का हवाला देता है, लेकिन किसानों के लिए फंड जुटाना भी उसी की जिम्मेदारी है. उन्होंने यह भी कहा कि यह बोर्ड किसानों के लंबे संघर्ष के बाद बना था, फिर भी अब उन्हें इससे कोई खास मदद नहीं मिल रही है.

अप्रैल के अंत तक बाजार में आम आ जाएंगे

बागवानी मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन ने कहा कि वे इस समस्या को लेकर जल्द ही बैठक बुलाएंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें फंड की कमी की जानकारी नहीं थी, क्योंकि आमतौर पर बजट के अनुसार पैसे जारी किए जाते हैं. मंत्री ने कहा कि वे मैंगो बोर्ड  के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और अगर फंड की कमी है तो उसे जल्द पूरा करने की व्यवस्था करेंगे. इस साल आम का सीजन थोड़ा देर से शुरू हो रहा है, इसलिए आम अप्रैल के अंत तक ही बाजार में पूरी तरह आ पाएंगे. हालांकि, अच्छी बात यह है कि इस बार आम का सीजन अगस्त तक लंबा चल सकता है.

कीमतों में हो सकती है बढ़ोतरी

फिलहाल रामनगर और आसपास के इलाकों से आने वाले रसभरी (रसभरी/रसभूरी) आम बाजार में करीब 150 रुपये प्रति किलो के दाम पर मिल रहे हैं. वहीं बदामी (अल्फांसो) आम जल्द ही बाजार में आने वाले हैं, जिनकी कीमत 106 से 150 रुपये प्रति किलो के बीच रह सकती है. हालांकि कम उत्पादन की वजह से इनके दाम बढ़कर 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक भी जा सकते हैं.

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Published: 22 Apr, 2026 | 05:53 PM
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