2 लाख रुपये तक माफ होगा किसानों का लोन! समिति ने CM को सौंपी कर्जमाफी की रिपोर्ट

महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर पारदेशी समिति की रिपोर्ट सरकार को मिल गई है. इससे कर्जमाफी लागू होने की प्रक्रिया तेज हो गई है. सरकार जल्द ही इस पर फैसला ले सकती है, जबकि लाखों किसान अभी भी पिछली योजनाओं के लाभ का इंतजार कर रहे हैं.

Kisan India
नोएडा | Published: 22 Apr, 2026 | 04:49 PM

Maharashtra News: महाराष्ट्र में किसानों की कर्जमाफी को लेकर बनी प्रवीण पारदेशी की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंप दी है. यह समिति करीब छह महीने पहले बनाई गई थी, जिसका काम कर्जमाफी के लिए नियम तय करना और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए छोटे और लंबे समय के सुझाव देना था. इस रिपोर्ट के आने के बाद सरकार अब कर्जमाफी लागू करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गई है. यह कर्जमाफी 2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन के वादों में शामिल थी. अब इस रिपोर्ट को सहकारिता विभाग जांचेगा और इसके बाद इसे मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के सामने रखा जाएगा. वहीं, अब कहा जा रहा है कि सरकार 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ कर सकती है.

30 अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र सरकार ने प्रवीण पारदेशी की अध्यक्षता में यह समिति बनाई थी. यह कदम उस आंदोलन के बाद उठाया गया, जिसका नेतृत्व प्रहार जनशक्ति के नेता बच्चू कडू ने किया था. वे किसानों की कर्जमाफी लागू करने की मांग  कर रहे थे. मार्च में राज्य के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बताया था कि सरकार 30 सितंबर 2025 की कट-ऑफ तारीख तक 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने की योजना पर काम कर रही है. इसके साथ ही जो किसान समय पर अपना कर्ज चुकाते हैं, उन्हें 50,000 रुपये का प्रोत्साहन देने की भी बात कही गई थी. हालांकि, कर्जमाफी का अंतिम स्वरूप पारदेशी समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही तय किया जाएगा.

किसान कर रहे योजना के लाभ का इंतजार

विधानसभा में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने यह भी ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया कि करीब 6 लाख किसान अभी भी छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सन्मान योजना के लाभ का इंतजार कर रहे हैं. सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने अपने लिखित जवाब में बताया कि इस योजना के तहत कुल 50.6 लाख किसान पात्र पाए गए थे. इनमें से 44.04 लाख किसानों को लाभ मिल चुका है, जबकि बाकी 6.56 लाख पात्र किसानों  को अभी योजना का लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है.

जून 2017 में शुरू की गई थी योजना

यह योजना जून 2017 में शुरू की गई थी, जिसका नाम छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सन्मान योजना है. इसके तहत प्रति किसान परिवार 1.5 लाख रुपये तक के बकाया फसल ऋण को पूरी तरह माफ करने का वादा किया गया था, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं. इसका उद्देश्य किसानों की आर्थिक मुश्किलें कम करना था. सरकार ने महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ति योजना के आंकड़े भी दिए हैं. इसके अनुसार, कुल 32.42 लाख पात्र किसानों में से 32.29 लाख किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिल चुका है. इसके अलावा 2019 की एक योजना के तहत 14.5 लाख किसानों को आधार सत्यापन पूरा करने के बाद प्रोत्साहन राशि  भी दी गई है.

128.65 करोड़ रुपये की सहायता राशि

बता दें कि बीते दिनों मुख्यमंत्री देवेंन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र कैबिनेट ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया था. कैबिनेट ने बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को 128.65 करोड़ रुपये की सहायता राशि जारी करने का निर्णय लिया था. खास बात यह है कि यह सहायता अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच हुए नुकसान के लिए दी जाएगी. राज्य सरकार ने कहा था कि 2026 की शुरुआत में हुई हालिया बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का आकलन (पंचनामा) अभी जारी है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

भारत की सबसे छोटी गाय नस्ल का नाम क्या है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
उत्तर प्रदेश
विजेताओं के नाम
कन्हैया कुमार रंजन, समस्तीपुर, बिहार

लेटेस्ट न्यूज़