महाराष्ट्र के प्याज को मिला नया विदेशी बाजार, मॉरीशस को भेजे जाएंगे 1 लाख टन से ज्यादा प्याज
Maharashtra onion export: भारत में प्याज उत्पादन और निर्यात के मामले में महाराष्ट्र की अहम भूमिका है. देश से होने वाले कुल प्याज निर्यात में करीब 80 प्रतिशत हिस्सेदारी महाराष्ट्र की मानी जाती है. राज्य के भीतर नासिक जिला प्याज उत्पादन और निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है.
Maharashtra onion export: महाराष्ट्र के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार ने प्याज के निर्यात को बढ़ाने के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तलाश शुरू कर दी है. इसी कड़ी में अब मॉरीशस का बाजार महाराष्ट्र के प्याज के लिए खुल गया है. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में नासिक और अहमदनगर जिलों से एक लाख टन से अधिक प्याज मॉरीशस भेजा जाए.
बिजनेसलाइन की खबर के अनुसार, महाराष्ट्र के विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने विधान परिषद में यह जानकारी देते हुए बताया कि यह कदम किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और प्याज की कीमतों को स्थिर रखने के उद्देश्य से उठाया गया है. हाल के दिनों में प्याज उत्पादक किसानों की आय को लेकर कई मुद्दे उठे थे, जिसके बाद सरकार निर्यात बढ़ाने के उपायों पर काम कर रही है.
पारंपरिक बाजारों में बढ़ी प्रतिस्पर्धा
मंत्री ने बताया कि पहले भारत से बड़े पैमाने पर प्याज श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों में निर्यात किया जाता था. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इन देशों ने खुद प्याज का उत्पादन बढ़ा लिया है, जिसके कारण भारतीय प्याज के लिए वहां प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है. इसी वजह से अब नए देशों में बाजार तलाशने की जरूरत महसूस की जा रही है. मॉरीशस जैसे देशों में भारतीय प्याज की अच्छी मांग देखी जा रही है, जिससे किसानों को निर्यात के नए अवसर मिल सकते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निर्यात के नए बाजार मिलते हैं तो इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने में मदद मिलती है और घरेलू बाजार में कीमतों में भारी गिरावट की समस्या भी कम होती है.
महाराष्ट्र का प्याज निर्यात में दबदबा
भारत में प्याज उत्पादन और निर्यात के मामले में महाराष्ट्र की अहम भूमिका है. देश से होने वाले कुल प्याज निर्यात में करीब 80 प्रतिशत हिस्सेदारी महाराष्ट्र की मानी जाती है. राज्य के भीतर नासिक जिला प्याज उत्पादन और निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र है. यहां से महाराष्ट्र के कुल प्याज निर्यात का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा जाता है.
नासिक का लासलगांव मंडी एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडियों में से एक मानी जाती है. यहां से बड़ी मात्रा में प्याज देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी भेजा जाता है. इस मंडी की वजह से महाराष्ट्र का प्याज व्यापार पूरी दुनिया में पहचान बना चुका है.
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मॉरीशस जैसे नए बाजारों में निर्यात बढ़ता है तो इससे किसानों को काफी लाभ होगा. कई बार घरेलू बाजार में अधिक उत्पादन के कारण कीमतें गिर जाती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसी स्थिति में निर्यात बढ़ने से अतिरिक्त उत्पादन को विदेशी बाजारों में भेजा जा सकता है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं और बाजार में संतुलन बना रहता है.
नए बाजारों की तलाश
राज्य सरकार अब केवल मॉरीशस ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी प्याज निर्यात बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. सरकार का प्रयास है कि किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाए ताकि उनकी आय में स्थायी रूप से बढ़ोतरी हो सके.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर निर्यात की यह रणनीति सफल होती है तो महाराष्ट्र के प्याज किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा और राज्य का कृषि निर्यात भी तेजी से बढ़ेगा.