हिमाचल प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद की तारीख को फिर से बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी गई है. वहीं, बिलासपुल जिले में गेहूं खरीद आज से शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही प्राकृतिक तरीके से उगाए गए गेहूं का भाव 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है. बता दें कि सामान्य गेहूं का एमएसपी केंद्र सरकार ने 2585 रुपये तय किया है. वहीं, अब तक खरीदे गए गेहूं के लिए किसानों को 11 करोड़ से ज्यादा रकम जारी कर दी गई है.
15 जून तक होगी गेहूं की खरीद
हिमाचल प्रदेश में 8 अप्रैल से प्राकृतिक गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 1 जून को खत्म होने वाली थी. लेकिन, अब राज्य सरकार ने गेहूं खरीद की तारीख को बढ़ाकर 15 जून कर दी है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मौसम बदलाव के चलते कुछ हिस्सों में देरी से गेहूं कटाई की वजह से किसान खरीद केंद्रों तक उपज लेकर नहीं पहुंचे हैं. ऐसे में किसानों से खरीद तारीख बढ़ाई गई है और किसानों को रजिस्ट्रेशन कराने को कहा गया है.
1600 से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन
किसानों की सुविधा के लिए सिरमौर, ऊना, सोलन और कांगड़ा जिलों में कुल दस खरीद केंद्र बनाए गए हैं. इस बार राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से फसल की खरीद की जा रही है. गेहूं बेचने के लिए अब तक 1609 किसानों ने विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से 1578 पंजीकरणों की जांच पूरी हो चुकी है. इसके अलावा, पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 1527 किसानों को टोकन भी जारी किए जा चुके हैं.
प्राकृतिक गेहूं का भाव 2 हजार रुपये बढ़ाकर 8 हजार किया
प्राकृतिक तरीके से उगाए गए गेहूं का भाव 8 हजार रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है. राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य में बीते सीजन 6000 रुपये की तुलना में 2000 रुपये बढ़ाकर 8000 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य कर दिया है. बता दें कि सामान्य गेहूं का एमएसपी केंद्र सरकार ने 2585 रुपये तय किया है. इस हिसाब से प्राकृतिक गेहूं को सामान्य गेहूं से 5,415 रुपये अधिक समर्थन मूल्य दिया जा रहा है.
4 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं का 11 करोड़ भुगतान किया
हिमाचल प्रदेश के राज्य नागरिक आपूर्ति निगम ने कहा है कि अब तक किसानों से खरीदे गए प्राकृतिक गेहूं के लिए किसानों को 11.42 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. प्रदेश के 10 विशेष खरीद केंद्रों के माध्यम से अब तक 4461.45 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है.
बिलासपुर में प्राकृतिक गेहूं की सरकारी खरीद शुरू
बिलासपुर में प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही किसानों में उत्साह का माहौल है. प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किए जाने से किसानों को बेहतर मूल्य मिल रहा है और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा मिला है. ग्राम पंचायत कोटला के किसान सुमन कुमार ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 10 क्विंटल प्राकृतिक गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है.
गेहूं खरीद का टारगेट तय
जिला परियोजना निदेशक आत्मा, रितेश गुप्ता ने मीडिया को बताया कि जिले में प्राकृतिक गेहूं की खरीद का लक्ष्य 175 क्विंटल निर्धारित किया गया है. इसके मुकाबले अब तक 120 किसानों से लगभग 160 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष 223 किसानों ने प्राकृतिक गेहूं बेचने के लिए अपनी सहमति दी है. जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान में बिलासपुर जिले के लगभग आठ हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़े हुए हैं और सरकार की इस पहल से प्राकृतिक कृषि को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है.