किसानों को राहत, लासलगांव मंडी में 2000 रुपये क्विंटल के पार पहुंचा प्याज.. अब रिटेल में बढ़ेंगी कीमतें

महाराष्ट्र की लासलगांव APMC मंडी में प्याज के थोक दाम पहली बार 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गए हैं. कम आवक, किसानों द्वारा स्टॉक रोककर रखने और खरीफ बुवाई में देरी के कारण कीमतों में तेजी आई है. विशेषज्ञों का मानना है कि मॉनसून कमजोर रहने पर आने वाले दिनों में प्याज के दाम और बढ़ सकते हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 16 Jun, 2026 | 09:52 AM

Onion Mandi Rate: प्याज किसानों के लिए अच्छी खबर है. महाराष्ट्र के नासिक जिला स्थित एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी लासलगांव APMC में सोमवार को थोक प्याज कीमतें 2,000 रुपये प्रति क्विंटल के पार पहुंच गईं. इस साल रबी सीजन की फसल मंडी में आने के बाद पहली बार दाम इस स्तर पर पहुंचे हैं. व्यापारियों के अनुसार मंडियों में प्याज की आवक घटने और मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आई है. इससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर दाम मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. लासलगांव की कीमतों को देशभर के प्याज बाजार का प्रमुख संकेतक माना जाता है, इसलिए यहां बढ़े दामों का असर अन्य मंडियों पर भी पड़ सकता है. ऐसे में रिटेल मार्केट में प्याज की कीमतें बढ़ सकती हैं.

महाराष्ट्र की लासलगांव APMC मंडी में अच्छी गुणवत्ता वाले प्याज का अधिकतम भाव सोमवार को 2,030 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया. अप्रैल से अब तक यह प्याज 1,500 से 1,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा था. सिर्फ अच्छे प्याज ही नहीं, बल्कि कम गुणवत्ता वाले प्याज  के दाम भी बढ़े हैं. मंडी अधिकारियों के अनुसार, पहले जहां कम गुणवत्ता वाले प्याज 800 से 1,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव बिक रहे थे, वहीं सोमवार को इनकी कीमत करीब 1,300 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गई. मंडी प्रशासन का कहना है कि किसानों द्वारा प्याज का स्टॉक रोककर रखने से बाजार में आवक कम हो गई है. किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं, इसलिए वे अभी बिक्री से बच रहे हैं.

मंडी में कितनी हुई प्याज की आवक

सोमवार को लासलगांव मंडी में करीब 7,000 क्विंटल प्याज की आवक हुई, जो सामान्य आवक से लगभग 11,000 क्विंटल कम है. आवक घटने के कारण बाजार में प्याज के दामों में तेजी देखने को मिल रही है. लासलगांव APMC के निदेशक प्रवीण कदम ने हिन्दुस्तान टाइम्स से कहा कि अगर मंडियों में प्याज की आवक नहीं बढ़ी तो आने वाले दिनों में कीमतें मजबूत बनी रह सकती हैं.

कई इलाकों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं

उन्होंने कहा कि नासिक जिले के कई इलाकों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, जिससे खरीफ प्याज की बुवाई  में देरी हो रही है. आमतौर पर किसान रबी सीजन की प्याज बेचकर खरीफ फसल के लिए खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री खरीदते हैं. लेकिन इस बार बुवाई शुरू नहीं होने के कारण किसान अपनी प्याज का स्टॉक बाजार में नहीं ला रहे हैं. कदम के अनुसार, किसानों को उम्मीद है कि आगे कीमतें और बढ़ सकती हैं, इसलिए वे फिलहाल अपनी उपज रोककर रख रहे हैं. इसी वजह से मंडियों में प्याज की आवक कम हुई है और दामों में तेजी बनी हुई है.

क्या कहते हैं लासलगांव APMC के निदेशक

लासलगांव APMC के निदेशक प्रवीण कदम ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीद का भाव  1,580 रुपये से बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है. इसके बावजूद किसान NAFED और NCCF को प्याज बेचने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं. इसकी वजह यह है कि खुले बाजार में व्यापारियों द्वारा किसानों को इससे कहीं बेहतर दाम मिल रहे हैं. इसलिए किसान अपनी उपज सरकारी एजेंसियों के बजाय मंडियों में बेचना पसंद कर रहे हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में प्याज की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं. अगर मॉनसून की रफ्तार नहीं बढ़ी और किसान अपना स्टॉक बाजार में नहीं लाए, तो कीमतों में तेजी जारी रहने की संभावना है.

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Published: 16 Jun, 2026 | 07:55 AM

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