मध्य प्रदेश के 9.38 लाख किसानों के खाते में 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि ट्रांसफर की गई है. किसानों को राशि मिलने का मैसेज आते ही उनके चेहरे खिल गए हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि किसानों को राशि भुगतान में देरी बर्दाश्त नहीं है और इसी के तहत निर्देशों के अनुसार किसानों को गेहूं खरीद के बाद पैसे उनके खाते में भेजे जा रहे हैं.
56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी
मध्य प्रदेश सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार राज्य के गेहूं किसानों से अब तक 56.45 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी कर ली गई है. राज्य सरकार ने इस साल गेहूं खरीद का लक्ष्य 72 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन किया है. सरकार ने कहा कि तेज गति से गेहूं खरीद प्रक्रिया चल रही है. कई नियमों को सरल किया गया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है.
9.38 लाख किसानों को भेजे 10403 करोड़ रुपये
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बयान में कहा कि अभी तक 9 लाख 38 हजार किसानों से गेहूं की खरीदी की जा चुकी है. उन्होंने बताया है कि अभी तक किसानों को 10403.17 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका हैं. किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जा रही है.
गेहूं का उपार्जन 23 मई तक होगा
खरीद केंद्रों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है और औचक निरीक्षण के चलते तेजी आई है. किसानों को समय पर गेहूं का भुगतान किया जा रहा है. तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है. गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जाता है. गेहूं का उपार्जन 23 मई तक होगा.
किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्दश दिए हैं कि किसानों को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी. इसके तहत खरीद केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाए आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं. किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके, इस हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं. इसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है.