पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मार्च की शुरुआत से ही रुक-रुककर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है. बेमौसम बारिश से रबी सीजन की फसलें गेहूं, सरसों और चना समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 20 से 30 फीसदी तक फसलों को नुकसान पहुंचा है. हालांकि, प्रदेश में ज्यादातर हिस्से में देरी से गेहूं बुवाई होने से बारिश कुछ किसानों के लिए आखिरी सिंचाई का काम कर गई है. वहीं, फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख सचिव कृषि और राहत आयुक्त को नुकसान आकलन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं और किसानों को मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही किसानों की मदद के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असमय बारिश से किसानों की बर्बाद हुई फसल की जानकारी ली और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राजस्व, कृषि विभाग व बीमा कंपनी फसल नुकसान का तत्काल कराएं. संयुक्त सर्वे कराकर फसल नुकसान की स्थिति से शासन को अवगत कराएं, जिससे किसानों का तत्काल मुआवजा दिलाया जा सके. मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लें और प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन कराएं, जिससे किसानों को समय पर उचित सहायता मिल सके.
मुआवजा प्रक्रिया तुरंत शुरू करने के निर्देश, 2 करोड़ किसानों को राहत
मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव (कृषि) राहत आयुक्त को भी निर्देश दिया कि फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों से सीधा संपर्क और समन्वय बनाए रखें. सभी सूचनाएं समय पर एकत्र कर शासन को उपलब्ध कराई जाएं, जिससे राहत कार्यों में देरी न हो. मुख्यमंत्री का इस बात पर भी विशेष जोर रहा कि फसलों को हुई क्षति का आकलन प्राप्त होते ही मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भुगतान व्यवस्था समयबद्ध ढंग से हो, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके. बता दें कि उत्तर प्रदेश लगभग सवा दो करोड़ किसान हैं, जो गेहूं समेत अन्य फसलों की खेती करते हैं.
- Agriculture Budget: कृषि योजनाओं के लिए नहीं बढ़ा बजट, खेती पर खर्च होंगे 1.62 लाख करोड़ रुपये.. पढ़ें डिटेल्स
- Budget 2026: ‘विकसित भारत’ का दावा या जनता को धोखा? बजट पेश होते ही ममता से अखिलेश तक भड़के विपक्षी नेता!
- बजट में रिफॉर्म्स पर फोकस.. ग्रामीण विकास समेत इन सेक्टर्स को बूस्ट देने की घोषणाएं, पढ़ें- कृषि मंत्री ने क्या कहा
फसल नुकसान की शिकायत के लिए हेल्पलाइन और चैटबॉट नंबर जारी
किसानों से कहा गया है कि किसान टोल-फ्री नंबर (KRPH) 14447 पर फसल नुकसान की तत्काल सूचना दे सकते हैं. प्रदेश में संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल क्षति की सूचना देने तथा योजनाओं के विषय में जानकारी के लिए किसानों को विभिन्न डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराए गए हैं. अब किसान फसल नुकसान की तत्काल सूचना देने या जानकारी प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री नंबर (KRPH) 14447 का प्रयोग कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, ‘क्राप-इन्श्योरेन्स ऐप’ (Crop-Insurance-App) और व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 के माध्यम से भी सूचना साझा की जा सकती है. कृषक योजनाओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए फसल बीमा पोर्टल https://pmfby.gov.in पर भी लॉग-इन कर सकते हैं.
20 फीसदी तक गेहूं फसल को नुकसान – कृषि वैज्ञानिक
रामपुर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉक्टर मयंक राय ने ‘किसान इंडिया’ को बताया कि बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. डॉक्टर मयंक कुमार राय ने बताया कि उनके यहां केंद्र पर बोई गई गेहूं की 1.5 एकड़ गेहूं की फसल बारिश के बाद हवा चलने की वजह से गिर गई है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का गेहूं की फसल पर बुरा असर देखा जा रहा है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसल पककर कटाई के लिए तैयार हो चुकी है. इस असमय बारिश और कहीं-कहीं तेज हवा के कारण फसल गिरने (लॉजिंग), दानों में नमी बढ़ने की समस्या देखी जा रही है, जिससे उत्पादन और क्वालिटी दोनों प्रभावित हुए हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मौसम बदलाव से गेहूं की फसल में 15 से 20 फीसदी का नुकसान देखा जा सकता है.