सऊदी अरब ने भारत सहित 40 देशों से चिकन और अंडों के आयात पर लगाई रोक, जानें क्या है वजह
Saudi Arabia poultry ban: अधिकारियों ने साफ किया है कि यह फैसला किसी एक दिन में नहीं लिया गया. अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट, अलग-अलग देशों की स्थिति और रोग फैलने के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही यह सूची तैयार की गई है.
Saudi Arabia poultry ban: दुनिया के कई हिस्सों में पक्षियों में फैलने वाली बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सऊदी अरब ने एक अहम और सख्त फैसला लिया है. सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने 40 देशों से पोल्ट्री उत्पादों और खाने वाले अंडों के आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी है. इस सूची में भारत का नाम भी शामिल है. इसके साथ ही 16 देशों के कुछ चुनिंदा इलाकों से आने वाले पोल्ट्री उत्पादों पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है.
खलीज टाइम्स के अनुसार, सऊदी सरकार का कहना है कि यह कदम देश के लोगों की सेहत और बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.
आखिर क्यों उठाना पड़ा यह कदम
सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कई देशों में बर्ड फ्लू यानी एवियन इन्फ्लुएंजा और दूसरी पशुजनित बीमारियों के मामले तेजी से सामने आए हैं. कुछ जगहों पर यह संक्रमण इतना गंभीर रहा कि वहां की पोल्ट्री इंडस्ट्री को भारी नुकसान उठाना पड़ा. ऐसे हालात में सऊदी अरब ने जोखिम उठाने के बजाय एहतियात को प्राथमिकता दी और उन देशों से सीधे आयात पर रोक लगा दी, जहां बीमारी का खतरा ज्यादा माना गया.
अधिकारियों ने साफ किया है कि यह फैसला किसी एक दिन में नहीं लिया गया. अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों की रिपोर्ट, अलग-अलग देशों की स्थिति और रोग फैलने के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन करने के बाद ही यह सूची तैयार की गई है. दिलचस्प बात यह है कि कुछ देशों पर प्रतिबंध कई सालों से लागू हैं, जबकि कुछ को हाल की परिस्थितियों के आधार पर जोड़ा गया है.
किन देशों पर पूरी तरह रोक
पूरी तरह प्रतिबंधित देशों की सूची लंबी है और इसमें एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कई देश शामिल हैं. भारत, चीन, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, मिस्र, मेक्सिको, नेपाल, बांग्लादेश, वियतनाम, कंबोडिया, म्यांमार और सूडान जैसे देश अब सऊदी अरब को पोल्ट्री और टेबल एग निर्यात नहीं कर पाएंगे. इससे उन निर्यातकों को झटका लग सकता है जो सऊदी बाजार पर निर्भर थे.
भारत के लिए यह खबर इसलिए भी अहम है क्योंकि भारतीय पोल्ट्री उद्योग ने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत की है. हालांकि जानकारों का मानना है कि यदि स्वास्थ्य मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए और बीमारी पर नियंत्रण की स्थिति बेहतर हो, तो भविष्य में इस फैसले की समीक्षा की जा सकती है.
16 देशों के कुछ हिस्सों पर आंशिक रोक
सऊदी अरब ने सभी देशों के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं किया है. 16 देशों में सिर्फ उन क्षेत्रों पर रोक लगाई गई है जहां हाल में पोल्ट्री रोग के मामले सामने आए हैं. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इटली, फ्रांस, कनाडा, मलेशिया, डेनमार्क और बेल्जियम जैसे देशों के कुछ राज्यों या शहरों से आयात पर रोक है, जबकि बाकी इलाकों से व्यापार जारी रह सकता है. इससे साफ है कि सऊदी सरकार पूरी तरह से व्यापार बंद करने के बजाय जोखिम वाले क्षेत्रों को अलग कर नियंत्रित करने की नीति पर काम कर रही है.
प्रोसेस्ड उत्पादों को राहत
हालांकि यह प्रतिबंध सख्त है, लेकिन इसमें एक अहम छूट भी दी गई है. यदि पोल्ट्री उत्पाद पूरी तरह से प्रोसेस्ड हैं और उन्हें इतनी ऊंची तापमान प्रक्रिया से गुजारा गया है जिससे बर्ड फ्लू या न्यूकैसल जैसी बीमारियों के वायरस नष्ट हो जाते हैं, तो ऐसे उत्पादों को आयात की अनुमति मिल सकती है. इसके लिए जरूरी है कि संबंधित देश की अधिकृत संस्था से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी किया गया हो और उत्पाद तय मानकों पर खरे उतरते हों.
वहीं सऊदी खाद्य प्राधिकरण ने यह भी संकेत दिया है कि यह सूची अंतिम नहीं है. वैश्विक स्वास्थ्य स्थिति में सुधार या नए खतरे के सामने आने पर समय-समय पर इसमें बदलाव किया जाएगा. यदि किसी देश में बीमारी पर पूरी तरह काबू पा लिया जाता है और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षा उपाय अपनाए जाते हैं, तो प्रतिबंध हटाने की संभावना भी बनी रहेगी.