भारत के केरल राज्य से जुड़ी पोल्ट्री इंडस्ट्री के लिए ओमान से आई यह खबर थोड़ी चिंता बढ़ाने वाली है. ओमान सरकार ने केरल से जीवित पक्षियों और उनसे जुड़े कुछ उत्पादों के आयात पर फिलहाल रोक लगा दी है. यह फैसला अचानक जरूर लगता है, लेकिन इसके पीछे सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है.
टाइम्स ऑफ ओमान के अनुसार, ओमान के कृषि, मत्स्य और जल संसाधन मंत्रालय ने साल 2026 का एक नया आदेश जारी करते हुए साफ कहा है कि जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक केरल से आने वाले जीवित पक्षी देश में प्रवेश नहीं कर पाएंगे. सरकार का मानना है कि पशुओं से जुड़ी बीमारियों का खतरा किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
कानून और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर फैसला
मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय पशु चिकित्सा क्वारंटीन कानून और उसके नियमों के तहत लिया गया है. साथ ही, पशु स्वास्थ्य से जुड़े विशेषज्ञों और अधिकारियों की सलाह को भी इसमें अहम माना गया है. सरकार का साफ संदेश है कि व्यापार जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है लोगों और पशुओं की सेहत की सुरक्षा.
किन चीजों पर रोक और किन पर नहीं
इस फैसले के तहत सिर्फ जीवित पक्षियों पर ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े कुछ कच्चे उत्पाद, उप-उत्पाद और डेरिवेटिव्स पर भी रोक लगाई गई है. यानी पोल्ट्री से जुड़े वे सामान, जिनमें संक्रमण की आशंका हो सकती है, फिलहाल ओमान के बाजार में नहीं पहुंच पाएंगे.
हालांकि, राहत की बात यह है कि पूरी तरह से प्रोसेस किए गए और गर्मी से उपचारित (हीट-ट्रीटेड) उत्पाद इस प्रतिबंध के दायरे में नहीं आएंगे. ऐसे उत्पाद, जो अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य मानकों पर खरे उतरते हैं, उन्हें सुरक्षित माना गया है और उनके आयात की अनुमति बनी रहेगी.
आदेश तुरंत लागू, सभी विभागों को निर्देश
ओमान सरकार ने यह भी कहा है कि यह आदेश आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा और उसके अगले ही दिन से लागू हो जाएगा. देश के सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने स्तर पर इस फैसले को सख्ती से लागू करें.
केरल के कारोबारियों की बढ़ी चिंता
केरल में पोल्ट्री पालन और उससे जुड़ा व्यापार हजारों लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा है. खाड़ी देशों में केरल के उत्पादों की अच्छी मांग रहती है, ऐसे में यह प्रतिबंध निर्यात करने वालों के लिए झटका माना जा रहा है. कारोबारियों को डर है कि अगर यह रोक लंबे समय तक रही, तो नुकसान बढ़ सकता है.
हालांकि जानकारों का कहना है कि यह रोक स्थायी नहीं है. जैसे ही स्वास्थ्य से जुड़ी आशंकाएं खत्म होंगी और स्थिति सामान्य होगी, ओमान सरकार नया आदेश जारी कर सकती है.