1.17 लाख सोयाबीन किसानों के खाते में भेजे 200 करोड़ रुपये, सरसों-मूंग किसानों को भावांतर का लाभ मिलेगा

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार अब किसानों को फसल का पूरा और उचित दाम देना पक्का किया गया है. भावांतर योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक किसानों से 24 लाख क्विंटल से अधिक सोयाबीन की सरकारी खरीद की गई है. लगातार किसानों को भावांतर राशि का वितरण भी किया जा रहा है. आज चौथी बार किसानों को राशि जारी कर दी गई है.

रिजवान नूर खान
नई दिल्ली | Updated On: 29 Jan, 2026 | 03:48 PM

Soybean Bhavantar Yojana: मध्य प्रदेश के 1.17 लाख किसानों को सोयाबीन भावांतर योजना के तहत राशि जारी कर दी गई है. इससे पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव दो बार भावांतर राशि जारी कर चुके हैं. आज गुरुवार को उन्होंने मंदसौर जिले से किसानों को राशि का वितरण बटन दबाकर किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की फसलों को उचित दाम दिला रही है और अगर किसी किसान को भाव सही नहीं मिलता है तो उन्हें नुकसान हुई राशि का भुगतान भावांतर के रूप में किया जा रहा है.

1.17 लाख किसानों को 200 करोड़ रुपये जारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ में हिस्सा लिया है. यहां से उन्होंने सोयाबीन भावांतर योजना के अंतर्गत 1.17 लाख किसानों को राशि ट्रांसफर की है. उन्होंने कुल 200 करोड़ रुपये सोयाबीन भावांतर योजना के लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजे हैं. आज मध्य प्रदेश में किसानों को भावांतर योजना के तहत चौथी बार रकम का वितरण किया जा चुका है.

सरसों और मूंगफली किसानों को भी मिलेगा भावांतर योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने की कोशिशें की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि आने वाले दिनों में सरसों और मूंगफली को भी भावांतर योजना के तहत लाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे सरसों-मूंगफली किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालकों को लाभ दिए जा रहे हैं.

अब तक 4 लाख से ज्यादा सोयाबीन किसानों को दी जा चुकी राशि

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीती 28 दिसंबर रविवार को रतलाम जिले के शासकीय भगत सिंह महाविद्यालय जावरा में आयोजित राज्य स्तरीय सोयाबीन भावांतर योजना कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से 3.77 लाख किसानों के खातों में 810 करोड़ रुपये भेजे थे. वहीं, राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार अब तक 6.44 किसानों को 1292 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं. इससे पहले देवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.33 लाख किसानों को 233 करोड़ की भावांतर राशि का ट्रांसफर किए थे. उससे पहले भी एक बार राशि किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है.

अब तक 9.36 लाख किसानों ने कराया है पंजीकरण

मध्य प्रदेश सरकार के अनुसार अब किसानों को फसल का पूरा और उचित दाम मिलेगा. भावांतर योजना के तहत अब तक 4 लाख से अधिक किसानों से 24 लाख क्विंटल से अधिक सोयाबीन की सरकारी खरीद की गई है. भावांतर राशि वितरण के दूसरे चरण में 3.68 लाख किसानों के खाते में राशि भेजी जाएगी. हालांकि, भावांतर योजना का लाभ लेने के लिए मध्य प्रदेश के 9,36,352 किसानों ने पंजीकरण कराया है.

7 नवंबर से हर दिन जारी किया जा रहा सोयाबीन का मॉडल रेट

मध्य प्रदेश के सरकार भावांतर योजना 2025 के तहत सोयाबीन का मॉडल रेट 7 नवंबर को तय कर दिया. इसके बाद हर दिन मॉडल रेट में बदलाव कर बढ़ोत्तरी की गई है, ताकि किसानों को ज्यादा लाभ मिल सके. राज्य सरकार के अनुसार मॉडल रेट के हिसाब से ही किसानों को भावांतर राशि भुगतान का आकलन किया जाएगा. राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने सोयाबीन की अपनी उपज मंडी में बिक्री की है. इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जा रही है.

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Published: 29 Jan, 2026 | 03:35 PM

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