Vegetable Price: महाराष्ट्र के पुणे स्थित गुलटेकड़ी APMC मंडी में एक हफ्ते के अंदर सब्जियों की आपूर्ति मांग से काफी आगे बढ़ गई है, जिससे प्रमुख सब्जियों के दाम बदल गए हैं. गुलटेकड़ी मंडी में रविवार को महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से लगभग 100 ट्रक सब्जियां मंडी में पहुंची, जिससे थोक आपूर्ति खरीदारी से बहुत अधिक हो गई. टमाटर और तोरई सस्ते हो गए, क्योंकि स्टॉक ज्यादा था. जबकि खीरे महंगे हो गए, क्योंकि इसकी आपूर्ति कम थी. व्यापारियों के अनुसार पुणे मंडी में कुछ सब्जियां स्थिर हैं और कुछ अभी भी अस्थिर हैं.
कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र के बाहर से आने वाली सब्जियों ने दाम तय करने में अहम भूमिका निभाई. हरी मिर्च कर्नाटक और मध्य प्रदेश से 12-13 टेम्पो में आई, तो पत्ता गोभी कर्नाटक से 4-5 टेम्पो में पहुंची. सजी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु से 3-4 टेम्पो में आई. गाजर राजस्थान से 14-15 टेम्पो में आई, और cluster beans (घेवड़ा) कर्नाटक से 3-4 टेम्पो में मंडी पहुंचे.
किन-किन राज्यों से आईं सब्जियां
महाराष्ट्र के बाहर से भी कई सब्जियां मंडी में आईं. मूंगफली कर्नाटक और गुजरात से एक-एक टेम्पो में पहुंची. मटर 25-26 टेम्पो में मध्य प्रदेश और राजस्थान से आई. फली (पावटा) कर्नाटक से तीन टेम्पो में आई, और तमिलनाडु से तोतापुरी कच्चे आम का एक टेम्पो आया. लहसुन मध्य प्रदेश से 10-12 टेम्पो में आया. आलू इंदौर, आगरा और स्थानीय क्षेत्रों से 30-35 टेम्पो में पहुंचे. प्याज की आवक करीब 175 टेम्पो रही.
किन सब्जियों की कितनी आवक रही
स्थानीय सब्जियों की आवक भी अच्छी रही. सतारा से अदरक लगभग 500-550 गन्नी बैग में आया. भिंडी, पत्ता गोभी और हरी मिर्च पांच-छह टेम्पो में मंडी पहुंचे. टमाटर की बड़ी आवक रही, करीब 10,000-12,000 बक्से मंडी में पहुंचे, जबकि खीरा पांच-छह टेम्पो में आया. फूलगोभी की आवक 10-12 टेम्पो, शिमला मिर्च 10-12 टेम्पो, लाल कद्दू 14-15 टेम्पो, गाजर 3-4 टेम्पो, शकरकंद (गेवड़ा) 5-6 टेम्पो, फली 3-4 टेम्पो और प्याज करीब 17 टेम्पो रही. व्यापारियों के अनुसार टमाटर और तोरई की ज्यादा आवक से इनके दाम घट गए, जबकि खीरे की सीमित उपलब्धता के कारण इसके दाम बढ़े.
आने वाले दिनों में थोक दाम सामान्य रूप से स्थिर रहेंगे
मंडी अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में थोक दाम सामान्य रूप से स्थिर रहेंगे और सिर्फ नई आपूर्ति या खुदरा मांग के अनुसार ही दाम बदल सकते हैं. पुणे के घरों के लिए इसका मतलब है कि टमाटर और तोरई पर फिलहाल थोड़ी राहत मिलेगी, जबकि खीरे और कुछ चुनिंदा सब्जियों के लिए थोड़ी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है.