किसानों के खातों में जारी किए गए 9000 करोड़, एक करोड़ महिलाएं बनेंगी लखपति.. सरकार ने तैयार किया प्लान

तेलंगाना में धान किसानों को 9 दिनों में 9,000 करोड़ रुपये और प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस मिला है. सरकार महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बना रही है. साथ ही आवास और अन्य योजनाओं के जरिए विकास पर जोर देते हुए पिछली सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाया गया.

नोएडा | Updated On: 17 Mar, 2026 | 11:06 PM

Telangana News: तेलंगाना में धान की खेती करने वाले किसानों ने इस बार बंपर कमाई की है. इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पिछले 9 दिनों के अंदर धान किसानों के खातों में 9,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. खास बात यह है कि इसमें 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी शामिल है. वहीं, राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. इसके लिए महिलाओं को महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए ब्याज फ्री लोन मुहैया कराया जा रहा है. इससे महिलाओं को नए रोजगार शुरू करने के अवसर मिल रहे हैं. अभी तक महिलाओं को कुल 57,000 करोड़ रुपये ब्याज फ्री लोन के रूप में मुहैया कराए गए हैं. साथ ही सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का है.

खास बात यह है कि महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए हर साल 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ब्याज फ्री लोन  महिलाओं के खातों में दी जा रही है.
अब तक कुल 57,000 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. सरकार का मानना है कि इस राशि से महिलाओं को काफी फायदा हुआ है. वे अब खुद रोजगार कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही है. ऐसे भी राज्य सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं, तो परिवार और पूरा राज्य भी तरक्की करता है.

महिलाओं को भी मिल रहा लाभ

दरअसल, ये जानकारी उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने मंगलवार को विधानसभा में एक सवाल के जवाब में दी है. उन्होंने कहा है कि ‘रैतु भरोसा’ योजना के बजाय किसानों को धान पर दिए जा रहे बोनस से ज्यादा फायदा हो रहा है. उन्होंने कहा कि महीन धान उगाने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये का बोनस सीधे उनके खातों में भेजा जा रहा है, जिससे हर किसान को लगभग 25,000 रुपये तक का लाभ मिल रहा है.

9,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए

उन्होंने यह भी कहा कि ‘रैतु भरोसा’ योजना के तहत सिर्फ 9 दिनों में 9,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर  किए गए. विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए ब्याज मुक्त ऋण योजनाओं के तहत हर साल 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में डाली जा रही है और अब तक कुल 57,000 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं. उन्होंने BRS नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य की जनता अच्छी तरह जानती है कि वे महिलाओं का सम्मान नहीं करते. उन्होंने आरोप लगाया कि केटी रामा राव अक्सर ऐसे बयान देते हैं, जिससे महिलाओं की भावनाएं आहत होती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे सच में महिलाओं के विकास के लिए गंभीर होते, तो अपनी कैबिनेट में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व देते.

सरकार महिलाओं को सम्मान देती है

उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार बिना किसी रुकावट के महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋण देती रहेगी और एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य रखती है. उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को सम्मान देती है और इसी के तहत पूरे राज्य में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा शुरू की गई, जिसे शपथ लेने के एक घंटे के भीतर लागू कर दिया गया था. साथ ही, सरकार नियमित रूप से RTC को किराए की भरपाई भी कर रही है.

10 साल में पूरा नहीं कर पाया वादा

उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उसने डबल बेडरूम मकान देने का वादा किया था, लेकिन 10 साल में उसे पूरा नहीं कर पाई. इसके उलट, मौजूदा सरकार हर घर के लिए 5 लाख रुपये दे रही है और निर्माण काम शुरू कर दिया है. पहले चरण में 4.5 लाख घर (हर विधानसभा क्षेत्र में 3,500) बनाए जा रहे हैं और इसके लिए एक ही बार में 22,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसे ‘इंदिरम्मा हाउसिंग’ के तहत देश में एक रिकॉर्ड बताया गया. उन्होंने अंत में कहा कि वर्तमान सरकार चुनाव के दौरान किए गए छह गारंटियों को पूरा कर रही है, जबकि पिछली सरकार डबल बेडरूम मकान, हर परिवार को एक नौकरी, दलित मुख्यमंत्री और भूमिहीन गरीबों को जमीन देने जैसे अहम वादे 10 साल में भी पूरे नहीं कर पाई.

Published: 17 Mar, 2026 | 11:30 PM

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