12 लाख टन से ज्यादा हुई धान की खरीदी, खातों में जारी किए गए 1129 करोड़ रुपये
तेलंगाना के कई जिलों में धान की खरीद तेजी से जारी है. निजामाबाद, नलगोंडा, कामारेड्डी, सूर्यापेट, करीमनगर, जगित्याल, मेडक, यादाद्री-भोंगीर, पेद्दापल्ली और सिरसिल्ला जिलों में खरीद का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है. तेलंगाना में इस बार करीब 22.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है.
Paddy Procurement: तेलंगाना में रबी सीजन के दौरान अब तक 12.38 लाख टन धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि कुल 90 लाख टन खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने 1.54 लाख से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधे 1,129.43 करोड़ रुपये एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) के रूप में ट्रांसफर किए हैं. सिविल सप्लाई कमिश्नर एम. स्टीफन रविंद्र के अनुसार, राज्यभर में धान की आवक को संभालने के लिए विभाग पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है. फिलहाल 8,575 धान खरीद केंद्र (पीपीसी) किसानों से सक्रिय रूप से धान खरीद रहे हैं.
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में धान खरीद का यह बड़ा नेटवर्क अलग-अलग संस्थाओं के सहयोग से चलाया जा रहा है. इसमें 4,455 केंद्र प्राइमरी एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव सोसाइटी (PACS), 3,563 केंद्र इंदिरा क्रांति पथम (IKP) समूह और बाकी 557 केंद्र अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं. किसान बड़ी मात्रा में दोनों तरह की धान की किस्में ला रहे हैं. अब तक 5.07 लाख टन बारीक किस्म (सन्नरकम) और 7.31 लाख टन मोटी किस्म (डोड्डुरकम) की खरीद हो चुकी है. अधिकारी तेजी से काम करते हुए खरीदे गए धान को तुरंत खरीद केंद्रों से सीधे तय मिलों तक पहुंचा रहे हैं, ताकि कहीं भी भंडारण की समस्या न हो.
इन जिलों में तेजी से हो रही धान खरीदी
तेलंगाना के कई जिलों में धान की खरीद तेजी से जारी है. निजामाबाद, नलगोंडा, कामारेड्डी, सूर्यापेट, करीमनगर, जगित्याल, मेडक, यादाद्री-भोंगीर, पेद्दापल्ली और सिरसिल्ला जिलों में खरीद का काम पूरी रफ्तार से चल रहा है. तेलंगाना में इस बार करीब 22.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई है. अच्छी खेती और अनुकूल परिस्थितियों के चलते राज्य में इस साल रिकॉर्ड उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है, जो लगभग 1.52 करोड़ टन तक पहुंच सकता है.
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32 लाख टन क्षमता के गोदाम उपलब्ध कराए गए
वहीं, धान की बढ़ती मात्रा को देखते हुए सरकार ने भंडारण की भी पूरी तैयारी की है. राज्य में करीब 32 लाख टन क्षमता के गोदाम उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि खरीदे गए धान को सुरक्षित रखा जा सके. इसके अलावा, खरीद केंद्रों से धान को सीधे चावल मिलों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है. इससे गांवों में धान का ढेर नहीं लगेगा और छोटे केंद्रों पर भी काम सुचारु रूप से चलता रहेगा.
राज्य की सीमाओं पर चेकपोस्ट बनाए गए
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए हैं कि दूसरे राज्यों का धान अवैध रूप से तेलंगाना के खरीद केंद्रों तक न पहुंचे. इसके लिए राज्य की सीमाओं पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां ट्रकों की जांच की जा रही है. इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल राज्य के किसानों का धान ही खरीदा जाए और उन्हें ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिले.