गेहूं भंडारण का गोल्डन रूल अपनाएं, छोटी गलती से अनाज में लग सकते हैं कीड़े और फफूंद
गेहूं की कटाई के बाद सही स्टोरेज करना किसानों के लिए बेहद जरूरी है. ज्यादा नमी, गंदगी और लापरवाही के कारण अनाज में कीड़े और फफूंद लग सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार सही भंडारण तकनीक अपनाकर किसान अपनी फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर गुणवत्ता बनाए रख सकते हैं.
Wheat Storage: खेतों में महीनों मेहनत करने के बाद जब गेहूं की फसल कटकर घर पहुंचती है, तब किसानों को लगता है कि सबसे बड़ा काम पूरा हो गया. लेकिन असली जिम्मेदारी यहीं से शुरू होती है. अगर गेहूं को सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया, तो कुछ ही दिनों में उसमें घुन, कीड़े और फफूंद लग सकती है. इससे न केवल अनाज की गुणवत्ता खराब होती है, बल्कि बाजार में उसका दाम भी कम हो जाता है. इसलिए खेती के साथ-साथ सही भंडारण भी उतना ही जरूरी माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी किसानों की मेहनत को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकती है.
गेहूं स्टोरेज का सबसे जरूरी नियम
विशेषज्ञों के मुताबिक गेहूं स्टोर करते समय सबसे जरूरी बात उसकी नमी होती है. अगर अनाज में नमी 10 प्रतिशत से ज्यादा है, तो उसमें जल्दी कीड़े लगने का खतरा बढ़ जाता है. अधिक नमी के कारण अनाज अंदर से गर्म होने लगता है और धीरे-धीरे खराब होने लगता है. इसी वजह से किसान को स्टोरेज से पहले गेहूं को अच्छी तरह धूप में सुखाना चाहिए. गांवों में कई किसान आज भी देसी तरीका अपनाते हैं. अगर गेहूं का दाना दांत से काटने पर कट की आवाज के साथ टूट जाए, तो समझा जाता है कि अनाज पूरी तरह सूख चुका है और स्टोर करने के लिए तैयार है. सही नमी वाला गेहूं लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और उसकी गुणवत्ता भी बनी रहती है.
स्टोर करने वाली जगह की सफाई बेहद जरूरी
सिर्फ गेहूं सुखा देना ही काफी नहीं होता, जिस जगह पर उसे रखना है उसकी सफाई भी बहुत जरूरी होती है. कई बार पुराने अनाज के बचे हुए कण और गंदगी ही नए गेहूं में कीड़े लगने की वजह बन जाते हैं. इसलिए स्टोर रूम, कोठरी या बखारी को पहले अच्छी तरह साफ करना चाहिए. दीवारों और फर्श में अगर दरारें हों तो उन्हें मिट्टी या सीमेंट से बंद कर देना चाहिए ताकि वहां नमी और कीड़े न पनप सकें. भंडारण वाली जगह हवादार होनी चाहिए, लेकिन चूहों और पक्षियों का अंदर आना पूरी तरह बंद होना चाहिए. साफ और सुरक्षित जगह में रखा गया अनाज ज्यादा समय तक खराब नहीं होता.
पुरानी बोरियों का इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
अक्सर किसान गेहूं रखने के लिए पुरानी जूट की बोरियों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन बिना साफ किए इन बोरियों का उपयोग करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. पुरानी बोरियों में पहले से कीटों के अंडे या गंदगी मौजूद हो सकती है, जो नए गेहूं को खराब कर सकती है. इसलिए बोरियों को इस्तेमाल से पहले अच्छी तरह धोकर तेज धूप में सुखाना जरूरी है. कई किसान अब लोहे की एयरटाइट टंकियों का इस्तेमाल भी कर रहे हैं, जिससे अनाज ज्यादा सुरक्षित रहता है. इसके अलावा नीम की सूखी पत्तियां भी गेहूं के बीच रखने की सलाह दी जाती है. यह एक देसी और प्राकृतिक तरीका है, जो कीड़ों को दूर रखने में मदद करता है.
स्टोरेज के बाद भी जरूरी है निगरानी
कई किसान गेहूं स्टोर करने के बाद उसे महीनों तक नहीं देखते, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती बन जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि हर 15 से 20 दिन में स्टोर किए गए अनाज की जांच जरूर करनी चाहिए. अगर गेहूं में गर्मी महसूस हो, बदबू आने लगे या कीड़ों के निशान दिखें, तो तुरंत अनाज को बाहर निकालकर दोबारा धूप लगानी चाहिए. समय पर ध्यान देने से नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है. सही तरीके से स्टोर किया गया गेहूं न केवल सालभर सुरक्षित रहता है, बल्कि बाजार में उसकी अच्छी कीमत भी मिलती है. खेती में मेहनत जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी फसल को सुरक्षित रखना भी है. थोड़ी सी लापरवाही किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि सही स्टोरेज तरीके अपनाकर किसान अपनी मेहनत और कमाई दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं.