केमिकल से पका आम बेचने पर 2 व्यापारी गिरफ्तार.. ऐसे करें प्राकृतिक रूप से पके आमों की पहचान
हैदराबाद सिटी पुलिस ने साफ कहा है कि जो व्यापारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. H-Fast टीम मिलावटी आमों की बिक्री पर लगातार नजर रख रही है और नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं.
Mango Business: हैदराबाद के बाजारों में आम की आवक शुरू होते ही प्रशासन एक्टिव हो गया है. पुलिस और नगर निगम की टीमें मिलकर छापेमारी कर रही हैं, ताकि खतरनाक और गैरकानूनी तरीके से आम पकाने वालों पर रोक लगाई जा सके. अभी तक पुलिस ने दो थोक फल व्यापारियों को गिरफ्तार किया, जो आंध्र प्रदेश से आए आमों को जरूरत से ज्यादा केमिकल से पका रहे थे. इनमें से एक व्यापारी ‘डायमंड राइप एथिलीन’ का ज्यादा इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया. अधिकारियों के मुताबिक, उसके पास से ऐसे कई पैकेट जब्त किए गए हैं. इसके अलावा शहर के अलग-अलग गोदामों से करीब 7 टन आम भी जब्त किए गए हैं, जिनमें एथिलीन और कैल्शियम कार्बाइड के इस्तेमाल का शक है. इन आमों के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं.
हैदराबाद में आम की बिक्री पर नजर रखने के लिए H-Fast टीम को गोदामों, वेयरहाउस और थोक दुकानों की जांच की जिम्मेदारी दी गई है. पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि अगर लोगों को आम में केमिकल की गंध आए या शक हो कि उन्हें खतरनाक तरीके से पकाया गया है, तो तुरंत पुलिस को जानकारी दें. उन्होंने यह भी कहा कि आम का सीजन शुरू हो गया है और यह फल फिर से लोगों की थाली में लौट आया है, लेकिन खरीदते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. केमिकल से पकाए गए आमों से बचें और ‘ऑर्गेनिक’ के नाम पर बेचे जा रहे फलों पर भी आंख बंद करके भरोसा न करें. ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे खरीदने से पहले फलों की सही जानकारी और गुणवत्ता जरूर जांच लें. सज्जनार ने चेतावनी दी कि कुछ लालची व्यापारी मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
कैसे करें असली और नकली की पहचान
उन्होंने X पर लिखा कि आम को प्राकृतिक तरीके से पकाने की बजाय कई लोग कैल्शियम कार्बाइड और दूसरे खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं. सड़क किनारे चमकदार और पीले दिखने वाले आम सिर्फ उनकी सुंदरता देखकर खरीदना, दरअसल बीमारियों को घर बुलाने जैसा है. आमतौर पर प्राकृतिक रूप से पका आम एक जैसा रंग का नहीं होता, जबकि केमिकल से पके आम बाहर से बहुत चमकीले पीले दिखते हैं लेकिन अंदर से कच्चे और नुकसानदायक हो सकते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, ऐसे आम खाने से तुरंत गले में जलन, मतली, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय में ये नर्वस सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सांस से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी पैदा कर सकते हैं. इसलिए ऐसे फलों से सावधान रहना बेहद जरूरी है.
- ब्लैक थ्रिप्स से आम की फसल प्रभावित.. उत्पादन कम होने से कीमतों में बढ़ोतरी, 23000 रुपये क्विंटल रेट
- देश में 180 लाख टन से ज्यादा है खाद का स्टॉक, खरीफ सीजन में उर्वरक आपूर्ति को लेकर केंद्र ने बनाई रणनीति
- सरसों के उत्पादन में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी, राजस्थान पहले स्थान पर.. जानें MP, यूपी, हरियाणा का हाल
सेहत से खिलवाड़ करने पर होगी कड़ी कार्रवई
हैदराबाद सिटी पुलिस ने साफ कहा है कि जो व्यापारी लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है. H-Fast टीम मिलावटी आमों की बिक्री पर लगातार नजर रख रही है और नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सिर्फ आम की बाहरी चमक देखकर धोखा न खाएं, बल्कि खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि फल प्राकृतिक तरीके से पका है या नहीं.
ऐसे आमों को खरीदने से बचना चाहिए
अगर आम का रंग बहुत अजीब लगे, उसमें केमिकल जैसी गंध आए या स्वाद अलग लगे, तो ऐसे आम से बचना चाहिए. साथ ही, अगर आम के छिलके पर अजीब दाग हों या बेकिंग सोडा वाले पानी से धोने पर उसका रंग बदल जाए, तो समझ लें कि वह सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. पुलिस ने यह भी कहा कि अगर किसी को मिलावटी आमों की जानकारी मिले तो तुरंत डायल 100 या H-Fast हेल्पलाइन 8712661212 पर सूचना दें. वहीं, थोक फल व्यापारियों का कहना है कि सभी व्यापारी गलत काम नहीं करते, इसलिए सबको एक जैसा दोषी नहीं ठहराना चाहिए.