पंजाब की मंडियों में इस बार गेहूं की आवक उम्मीद से ज्यादा हो रही है. हालांकि, इस साल बारिश और खराब मौसम से पैदावार में गिरावट आई है. इसके बावजूद बंपर आवक के चलते अधिकारियों के कान खड़े हो गए हैं. आशांका जताई जा रहा है कि व्यापारी दूसरे राज्यों से भी गेहूं लाकर पंजाब की मंडियों में बिक्री कर रहे हैं. ऐसे में अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं. खास बात यह है कि राज्य के आठ जिलों में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा गेहूं मंडियों में पहुंचा है और वहां तय लक्ष्य भी पार हो चुके हैं. फिर भी आवक अभी जारी है.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, खरीद लक्ष्य से ज्यादा गेहूं की आवक होने पर फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) के सीनियर अधिकारी सक्रिय हो गए हैं. एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दलजीत सिंह के नेतृत्व में FCI की एक टीम ने हाल ही में मंडियों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया. इसके बाद सभी खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए गए कि गेहूं की खरीद तभी की जाए जब हर ढेर की फोटो ली जाए, जिसमें उस दिन का अखबार भी रखा हो, और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाए. इन तस्वीरों को रोजाना इकट्ठा किया जाएगा.
गेहूं खरीद की फर्जी एंट्रियां
ऐसा शक जताया जा रहा है कि कुछ मंडियों में गेहूं खरीद की फर्जी एंट्रियां बड़े पैमाने पर की जा रही थीं. आरोप है कि कुछ व्यापारी बाहर के राज्यों से सस्ता गेहूं खरीदकर पंजाब की मंडियों में ज्यादा एमएसपी पर बेच रहे थे. क्योंकि कई जिलों में गेहूं की आवक तय लक्ष्य से ज्यादा रही. इनमें मोहाली में 1,41,041 मीट्रिक टन (131 फीसदी), संगरूर में 8,65,365 मीट्रिक टन (121 फीसदी), लुधियाना ईस्ट में 3,69,618 मीट्रिक टन (116 फीसदी), फरीदकोट में 4,32,172 मीट्रिक टन (115 फीसदी), कपूरथला में 3,43,059 मीट्रिक टन (110 फीसदी), रूपनगर में 1,38,949 मीट्रिक टन (106 फीसदी), फतेहगढ़ साहिब में 2,40,027 मीट्रिक टन (102 फीसदी), लुधियाना वेस्ट में 3,34,415 मीट्रिक टन (102 फीसदी) और पटियाला में 8,52,802 मीट्रिक टन (100 फीसदी) गेहूं की आवक दर्ज की गई.
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रिपोर्ट दिल्ली स्थित मुख्यालय जाएगी
एफसीआई ने इन जिलों में जाने के लिए टीमें बनाई हैं, जो गेहूं की आवक की रैंडम जांच करेंगी और अपनी रिपोर्ट दिल्ली स्थित मुख्यालय को भेजेंगी. इसके बाद फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि वे गेहूं की फर्जी एंट्रियों पर कड़ी नजर रखें. साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि अगर ऐसी गड़बड़ी पकड़ी गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. बताया जा रहा है कि पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने भी गुरुवार को इन जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ वर्चुअल मीटिंग कर स्थिति की समीक्षा की.
122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य
इस सीजन में केंद्र सरकार ने पंजाब से 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है. अब तक मंडियों में करीब 114.13 मीट्रिक टन गेहूं आ चुका है और खरीद का यह सीजन 15 मई तक चलेगा. अभी तक कुल 112.08 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जिसमें से 1.07 मीट्रिक टन खरीद निजी व्यापारियों ने की है. पिछले साल कुल खरीद करीब 130 मीट्रिक टन रही थी, जिसमें 10.80 मीट्रिक टन गेहूं प्राइवेट ट्रेडर्स ने खरीदा था. खाद्य और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल सरकारी खरीद ज्यादा इसलिए हो रही है, क्योंकि निजी व्यापारियों की खरीद पिछले साल के मुकाबले काफी कम रही है.
किसान नेता ने की जांच की मांग
एमएसपी कमेटी के सदस्य और भारतीय किसान यूनिन मान के पूर्व हरियाणा प्रेसिडेंट गुणी प्रकाश ने किसान इंडिया से बात करते हुए कहा कि पंजाब में गेहूं खरीदी में फर्जीवाड़ा हो रहा है. दूसरे राज्यों से भी गेहूं लाकर पंजाब की मंडियों में बेचा जा रहा है. इस फर्जीवाड़े में व्यापारी, आढ़ती, खरीद एजेंसियां और FCI के अधिकारी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इस साल बारिश और ओलावृष्टि से पंजाब में गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है. प्रति एकड़ 3 से 5 क्विंटल तक पैदावार में गिरावट आई है. इसके बावजूद 8 जिलों में लक्ष्य से ज्यादा गेहूं खरीदी होना अपने आप में फर्जीवाड़ा है. इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए.