Mango Pea Stage Care: भारत में आम को ‘फलों का राजा’ कहा जाता है और इसका देश की अर्थव्यवस्था और पोषण में भी अहम योगदान है. लेकिन आम उत्पादन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है फल झड़ने की समस्या. वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, आम के पेड़ों पर लगे कुल फलों में से सिर्फ 3-5% ही पूरी तरह पक पाते हैं, जबकि बाकी समय से पहले गिर जाते हैं. ऐेसे में आइए बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह से जानते हैं इसकी वजह और बचाव के टिप्स.
क्यों झड़ते हैं आम के फल?
फल झड़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार होते हैं जैसे मौसम में अचानक बदलाव, पोषक तत्वों की कमी, कीट और रोगों का प्रकोप. खासकर बिहार जैसे राज्यों में, जहां मौसम तेजी से बदलता है आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव वहां यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है. डॉ. एस.के. सिंह के अनुसार, मटर अवस्था (Pea Stage) पर फलों की सही देखभाल करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है, क्योंकि यही समय फल को बचाने के लिए निर्णायक होता है.
कीट और रोगों से बचाव जरूरी
आम के बाग में कीट और रोग फल झड़ने का बड़ा कारण बनते हैं. मधुआ रोग, चूर्णिल आसिता, मिलीबग और फल मक्खी जैसे कीट फलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके लिए समय-समय पर उचित दवाओं का छिड़काव करना चाहिए. जैविक विकल्प के रूप में ब्यूवेरिया बेसियाना का उपयोग भी प्रभावी माना जाता है. साथ ही, गिरे हुए फलों को तुरंत हटाना और नष्ट करना भी जरूरी है, ताकि संक्रमण न फैले.
हार्मोनल प्रबंधन से मिलेगा फायदा
फल झड़ने को रोकने में प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स (PGRs) काफी मददगार साबित होते हैं. डॉ. एस.के. सिंह के अनुसार, प्लानोफिक्स (NAA) और जिबरेलिक अम्ल (GA₃) का सही मात्रा में छिड़काव करने से फलों की पकड़ मजबूत होती है और झड़ने की समस्या कम होती है.
संतुलित पोषण से पेड़ों की मजबूती बढ़ती है और फल गिरने की समस्या कम होती है. बड़े पेड़ों के लिए गोबर की खाद, यूरिया, डीएपी और पोटाश का सही मात्रा में उपयोग करना चाहिए. इसके अलावा, सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे जिंक, बोरॉन और कैल्शियम का छिड़काव करने से फलों की गुणवत्ता बेहतर होती है और वे ज्यादा समय तक पेड़ पर टिके रहते हैं.
सिंचाई और नमी का सही संतुलन
पानी की कमी या अधिकता दोनों ही फल झड़ने का कारण बन सकते हैं. इसलिए हल्की और नियमित सिंचाई करना जरूरी है. मिट्टी में 60-70% नमी बनाए रखना सबसे अच्छा रहता है. ड्रिप सिंचाई प्रणाली इस मामले में अधिक प्रभावी मानी जाती है. बाग में साफ-सफाई और सही छंटाई भी जरूरी है. सूखी और रोगग्रस्त शाखाओं को हटाने से पौधे की ऊर्जा बचती है और वह फल के विकास पर ध्यान देता है. इससे उत्पादन बेहतर होता है.
आधुनिक तकनीकें और समेकित प्रबंधन
जलवायु परिवर्तन के दौर में काओलिन स्प्रे, मल्चिंग और बायो-स्टिमुलेंट्स का उपयोग करना फायदेमंद साबित हो रहा है. यदि किसान कीट नियंत्रण, पोषण, सिंचाई और छंटाई जैसे सभी उपायों को एक साथ अपनाते हैं, तो फल झड़ने की समस्या को 40-60% तक कम किया जा सकता है. आम में फल झड़ना एक बड़ी समस्या जरूर है, लेकिन सही समय पर वैज्ञानिक तरीके अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. यदि किसान थोड़ी जागरूकता और सही प्रबंधन अपनाएं, तो उत्पादन बढ़ाकर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.