बस्तर में अमित शाह ने चखी मीठी इमली, गांवों में विकास देखकर बोले- अब बदल चुका है दौर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के नेतानार गांव में डिजिटल सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया. उन्होंने महिलाओं के स्व सहायता समूहों, सिलाई केंद्र और इमली प्रसंस्करण इकाई का दौरा किया. गांव में अब आधार, बैंकिंग और ऑनलाइन सेवाएं मिलने से लोगों को राहत मिली है और रोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं.
Bastar Development: कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला बस्तर अब तेजी से विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) रायपुर के बस्तर जिले के नेतानार गांव पहुंचकर इस बदलाव को करीब से देखा. उन्होंने यहां शहीद वीर गुंडाधूर सेवा डेरा (जन सुविधा केंद्र) का उद्घाटन किया और ग्रामीण महिलाओं, युवाओं तथा स्व सहायता समूहों से बातचीत की. इस दौरान अमित शाह ने बस्तर की मशहूर इमली का स्वाद भी चखा और कहा कि यहां की इमली खट्टी नहीं बल्कि मीठी है. उनका यह बयान वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया.
डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव वालों को बड़ी राहत
नेतानार में शुरू किए गए जन सुविधा केंद्र का सबसे बड़ा फायदा अब गांव के लोगों को मिलेगा. पहले ग्रामीणों को आधार कार्ड, केवाईसी, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी कामों के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था. अब यह सभी सुविधाएं गांव में ही एक छत के नीचे उपलब्ध होंगी. गांव की रहने वाली सुखदेवी ने बताया कि उन्होंने अपनी पांच महीने की बेटी पद्मा का आधार कार्ड यहीं बनवाया. पहले इसके लिए उन्हें 10 किलोमीटर पैदल चलकर नानगुर जाना पड़ता था. वहीं सोनामनी नाम की महिला ने कहा कि महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी कराने में उन्हें काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब गांव में ही सुविधा मिलने से उनका काम आसानी से हो गया. सरकार का कहना है कि यह केंद्र सिर्फ ऑनलाइन सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहां बैंकिंग सेवाएं और महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.
अमित शाह ने बस्तर में विकास और डिजिटल बदलाव को सराहा.
महिलाओं की मेहनत से मीठी हो रही बस्तर की इमली
अमित शाह ने नेतानार के इमली प्रसंस्करण केंद्र का भी दौरा किया. यहां स्व सहायता समूह की महिलाएं इमली से उच्च गुणवत्ता वाला पल्प तैयार कर रही हैं. महिलाओं ने गृह मंत्री को बताया कि इस काम से उनकी आय लगातार बढ़ रही है. गुंडाधूर महिला स्व सहायता समूह की सदस्य लंबी नाग ने बताया कि इस समूह से जुड़ने के बाद वे सालाना करीब एक लाख रुपये तक की कमाई कर सकेंगी. महिलाओं की मेहनत देखकर अमित शाह ने उनकी सराहना की और बस्तर की इमली का स्वाद चखते हुए कहा कि यहां की इमली में अलग ही मिठास है. यह केंद्र अब ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है. इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं.
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सिलाई और बैंक सखी प्रशिक्षण से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर
नेतानार में महिलाओं को सिर्फ खेती या प्रसंस्करण तक सीमित नहीं रखा गया है. यहां सिलाई प्रशिक्षण केंद्र भी चलाया जा रहा है, जहां महिलाओं को बेसिक और एडवांस सिलाई सिखाई जा रही है. प्रशिक्षण ले रही विजय कुमारी ने बताया कि सिलाई सीखने के बाद वे अपने परिवार की जिम्मेदारी बेहतर तरीके से निभा पाएंगी. इसके साथ ही महिलाओं को बैंक सखी बनने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. इसके जरिए महिलाएं गांव में ही बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी. पैसा जमा करना, निकालना, मोबाइल नंबर अपडेट करना, खाता खोलना और स्वयं सहायता समूहों को बैंक से जोड़ने जैसे काम अब गांव में ही हो सकेंगे. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिलेगा और गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
नक्सल प्रभावित इलाके से विकास मॉडल बनने की ओर बढ़ रहा नेतानार
कभी नक्सल गतिविधियों के कारण सुर्खियों में रहने वाला नेतानार अब विकास और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनता दिखाई दे रहा है. डिजिटल सुविधाएं, महिलाओं के लिए रोजगार, बैंकिंग सेवाएं और प्रशिक्षण केंद्र गांव की तस्वीर बदल रहे हैं. अमित शाह के इस दौरे को सरकार बस्तर में बदलते माहौल और विकास के संदेश के रूप में देख रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें डर नहीं बल्कि विकास और रोजगार की उम्मीद दिखाई दे रही है. यही कारण है कि बस्तर के गांव अब धीरे-धीरे नई पहचान बना रहे हैं.