Budget 2026: केंद्र के फैसले से इस राज्य को होगा तगड़ा फायदा, किसानों की इस तरह बढ़ेगी कमाई
केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार ने नारियल, काजू और कोको फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं. पुराने पेड़ों को बदलने, सब्सिडी और कोको-प्रसंस्करण कार्यक्रमों से किसानों की आय, उत्पादकता और रोजगार बढ़ने की उम्मीद है. तटीय और उत्तरी जिलों में किसानों को डबल लाभ मिलने की संभावना है.
Andhra Pradesh News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश करते हुए नारियल और काजू किसानों को बहुत बड़ा गिफ्ट दिया. इन दोनों फसल के लिए नई योजना शुरू करने का ऐलान किया. केंद्र के इस ऐलान से आंध्र प्रदेश के नारियल और काजू की खेती करने वाले किसान काफी खुश हैं. उन्हें उम्मीद है कि सरकार के फैसले से नारियल और काजू की पैदावार में बढ़ोतरी होगी. खास बात यह है कि राज्य सरकार भी कोको, नारियल और काजू बढ़ावा देने की पूरी कोशिश कर रही है. इससे किसानों को डबल मदद मिलेगी. यानी केंद्र और राज्य की नीतियों के मेल से आंध्र प्रदेश के तटीय और उत्तरी जिलों में किसानों की आय, उत्पादकता और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है.
2024-25 के अनुमान के अनुसार, राज्य में काजू 1,36,364 हेक्टेयर, नारियल 1,08,483 हेक्टेयर और कोको 35,261 हेक्टेयर में उगाई गई. काजू की खेती मुख्य रूप से श्रीकाकुलम और अन्य उत्तरी जिलों में होती है, जबकि कोको मुख्यतः एलुरु में और नल्लोर व रायलसीमा जिलों में प्लांटेशन चरण में है. नारियल की खेती कोनासिमा, ईस्ट और वेस्ट गोदावरी जिलों में अधिक है और अन्य तटीय क्षेत्रों में भी फैली हुई है.
किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी योजना
केंद्र सरकार ने उच्च-मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें पुराने और कम उपज देने वाले नारियल के पेड़ों को नए पौधों से बदलने के लिए Coconut Promotion Scheme शामिल है. इसके अलावा, काजू और कोको के लिए भी विशेष कार्यक्रम हैं, ताकि कच्चे माल का उत्पादन और प्रोसेसिंग में देश आत्मनिर्भर बन सके. कृषि मंत्री के अचन्नैदु ने कहा कि केंद्र का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूरदर्शी है. विशेषकर तटीय क्षेत्रों में नारियल जैसी फसलों को बढ़ावा देना किसानों के लिए दीर्घकालिक रूप से फायदेमंद साबित होगा.
योजनाओं से किसानों को काफी राहत मिलेगी
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पॉन कल्याण ने कहा कि नारियल, काजू और कोको के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं से किसानों को काफी राहत मिलेगी. इन योजनाओं के तहत पुराने और कम उपज देने वाले पेड़ों को नए पौधों से बदलने के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी, जिससे प्लांटेशन की उत्पादकता बढ़ेगी और कोनासिमा व उत्तर आंध्र जिलों के किसानों को फायदा होगा.
सरकार देती है इतने हजार रुपये की सब्सिडी
राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं के साथ मिलकर किसानों का समर्थन कर रही है. उदाहरण के लिए, कोको की खेती के लिए क्षेत्र विस्तार सब्सिडी 12,000 से 20,000 रुपये प्रति हेक्टेयर दी जाती है, जो पौधों के जीवित रहने के आधार पर किस्तों में जारी की जाती है. हाल ही में आयोजित कोको सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण, मूल्य निर्धारण और वैल्यू-एडिशन पर चर्चा की गई. महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों को चॉकलेट निर्माण इकाइयां स्थापित करने में मदद की जा रही है, जिससे स्थानीय रोजगार भी बढ़ रहा है. नारियल किसानों को भी प्रति एकड़ 10,400 से 12,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है, जो नारियल, वर्जिन नारियल तेल और नीरा प्रसंस्करण में सहायक है.