Tip Of The Day: बैंगन में छोटी पत्ती और तना छेदक का अटैक? तुरंत अपनाएं ये उपाय, दोगुनी पैदावार पक्की

Baigan Ki Kheti: बैंगन की अच्छी ग्रोथ और ज्यादा उत्पादन के लिए सही किस्म का चयन और नियमित देखभाल बेहद जरूरी है. यह पौधा गलन रोग, छोटी पत्ती रोग और फल-तना छेदक कीट जैसी समस्याओं से प्रभावित हो सकता है. जलभराव से बचाव, संक्रमित पौधों को हटाना, नीम तेल का छिड़काव और जरूरत पड़ने पर उचित कीटनाशक का इस्तेमाल करने से इन रोगों और कीटों पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 18 Feb, 2026 | 11:15 AM

Brinjal Farming Tips: बैंगन भारत की सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है और घर पर इसे उगाना भी आसान है. लेकिन सिर्फ अच्छी किस्म चुनना काफी नहीं है, पौधों की सही देखभाल, रोगों और कीटों से सुरक्षा, बैंगन की ग्रोथ और बेहतर उत्पादन के लिए बेहद जरूरी है. यदि पौधों की निगरानी सही ढंग से की जाए, तो बैंगन के पौधे लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं और अधिक फल देते हैं.

गलन रोग से बचाव

बैंगन के पौधों में गलन रोग सबसे गंभीर समस्या हो सकती है. यह मुख्य रूप से फफूंद जैसे पाइथियम, राइजोक्टोनिया और फ्यूजेरियम की वजह से फैलता है. प्रभावित पौधों की जड़ें भूरी और चिपचिपी हो जाती हैं, जिससे उनकी ग्रोथ रुक जाती है और उत्पादन पर असर होता है.

गलन रोग से बचने के लिए सबसे पहले बेस्ट क्वालिटी के बीज चुनें. पूसा पर्पल और क्लस्टर जैसी किस्में इसके लिए उपयुक्त मानी जाती हैं. साथ ही, जलभराव से बचें और मिट्टी को हल्का व जलनिकासी वाली बनाएं.

छोटी पत्ती रोग का नियंत्रण

बैंगन के पौधों में छोटी पत्ती रोग भी आम समस्या है. इसमें पत्तियां असामान्य रूप से छोटी हो जाती हैं और शाखाओं का विकास रुक जाता है. धीरे-धीरे पौधा कमजोर होने लगता है. इस रोग से बचाव के लिए सबसे पहले संक्रमित पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए. इसके अलावा, नीम तेल का छिड़काव प्रभावी माना जाता है. जरूरत पड़ने पर उपयुक्त कीटनाशक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि रोग फैलने से रोका जा सके और स्वस्थ पौधों की ग्रोथ बनी रहे.

फल और तना छेदक कीट से सुरक्षा

फल और तना छेदक कीट बैंगन के लिए सबसे गंभीर खतरे में से एक है. यह कीट पौधे को नुकसान पहुंचाकर तने को मुरझाकर लटकाता है और पौधे को कमजोर कर देता है. इसकी रोकथाम के लिए सबसे पहले रोगग्रस्त फलों को तोड़कर नष्ट करें, ताकि संक्रमण आगे न फैले. यदि प्रकोप अधिक हो, तो ट्राइजोफॉस 40 ईसी या क्वीनालफास 25 ईसी का पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. इससे कीटों पर प्रभावी नियंत्रण रहता है और स्वस्थ पौधों की सुरक्षा बनी रहती है.

बैंगन की अच्छी ग्रोथ और उच्च उत्पादन के लिए सही किस्म का चयन, संतुलित जलप्रबंधन और नियमित रोग-कीट नियंत्रण बेहद जरूरी हैं. गलन रोग, छोटी पत्ती रोग और फल-तना छेदक कीट जैसी समस्याओं पर ध्यान देकर और समय पर सही उपाय अपनाकर किसान अपने बैंगन के पौधों को स्वस्थ रख सकते हैं और अधिक लाभ कमा सकते हैं. सही देखभाल और सावधानी से बैंगन का पौधा लंबे समय तक फलता-फूलता रहेगा और बाजार में अच्छा उत्पादन उपलब्ध कराएगा.

Published: 18 Feb, 2026 | 11:15 AM

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