केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज लखनऊ में कृषि मंत्रालय की ओर से आयोजित उत्तर जोन के क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन की अध्यक्षता की. कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार ने लैब को लैंड तक उतारने का सफल प्रयास किया है. इसका पूरा लाभ किसानों को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आगे बारिश कम हुई तो कैसे बीज की जरूरत पड़ेगी इस पर वैज्ञानिकों को तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु खेती को नुकसान पहुंचा रही है. इसलिए जलवायु अनुकूल किस्मों की बुवाई को बढ़ाने की जरूरत है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि के उन्नयन के लिए सभी राज्यों को अपने-अपने हिसाब से काम करना होगा. खाद्यान्न उत्पादन में यूपी नम्बर वन है. यहां उपलब्धियां हैं तो समस्याएं भी हैं. उन्होंने कहा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी नंबर वन है. उनके नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में लगातार उन्नयन हो रहा है. हमें अलग-अलग जोन के हिसाब से काम करना होगा. सभी राज्यों को अपने हिसाब से रणनीति बनानी होगी.
कम बारिश की चुनौती से निपटने को तैयार रहें वैज्ञानिक
केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में कहा कि देश की अलग-अलग जलवायु है. उत्तर प्रदेश में भी खेती के लिए मिट्टी, पानी और जलवायु अलग-अलग है. उन्होंने कहा कि आगे बारिश कम हुई तो कैसे बीज की जरूरत पड़ेगी इस पर वैज्ञानिकों को तैयार रहना होगा. उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु खेती को नुकसान पहुंचा रही है. इसलिए जलवायु अनुकूल किस्मों की बुवाई को बढ़ाने की जरूरत है.
खाद्यान्न उत्पादन में यूपी नंबर वन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन में यूपी नंबर वन है. अब हमें खाद्यान्न उत्पादन में किसी का मुंह नहीं देखना है. 25 लाख मीट्रिक टन निर्यात कर रहे हैं फिर भी 1.40 करोड़ की आबादी के लिए तीन बिंदु पर काम करना होगा. खाद्य सुरक्षा, किसान की आजीविका, पोषण इन तीन लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ना होगा. किसान के नुकसान की भरपाई करना होगा.
3400 किस्मों से उत्पादन बढ़ा, लागत में कमी आई
कृषि के विविधीकरण पर ध्यान रखना होगा. यूपी में खाद की खपत बढ़ी है. पंजाब मिट्टी की सेहत खराब होने का सामना कर रहा है. इससे सबक लेना होगा. सबसे महत्वपूर्ण बीज है. अच्छा और जलवायु के अनुकूल बीज देना होगा. 3400 नई किस्में आईसीआर ने खोजा है. इन किस्मों से किसान ज्यादा उत्पादन हासिल कर पा रहे हैं.
नकली खाद और बीज, पेस्टीसाइड के लिए एक्ट आएगा
नकली खाद और नकली पेस्टीसाइड से सावधान रहना होगा. इसके लिए एक्ट बना रहे हैं. ऐसा करने वालों के खिलाफ राज्य सरकार को अभियान चलाना होगा. हर राज्य का कृषि रोड मैप बनना चाहिए. करीब 16 हजार कृषि वैज्ञानिक हैं जो इस दिशा में कार्य करें.
खरीफ रबी के साथ दीर्घकालीन रोड मैप बनाएं. फॉर्मर रजिस्ट्री का काम चल रहा है. कुछ राज्य पीछे हैं. उन्हें इस दिशा में काम करना होगा. इससे किसानों को 16 तरह का फायदा मिलेगा. किसान क्रेडिट कार्ड में काम करना होगा. राज्य सरकार अभियान चलाकर हर किसान का कार्ड बनाएं. वैज्ञानिक गांव में जाएं और किसान की जिज्ञासा शांत करें.
हमारे किसान सबसे मेहनती – सीएम योगी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारे अन्नदाता किसान इतने मेहनती हैं, इतनी व्यावहारिक जानकारी उनके पास है. हमें शासन की योजना के बारे में उन्हें थोड़ा अवगत कराना है और वे अपने आप ही उससे बेहतर परिणाम देने को तैयार हैं. सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज 425 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 211 लाख मीट्रिक टन चावल तथा 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हो रहा है.