कंटीले तार और झटका मशीन से छुटकारा, गेहूं की मेड़ पर लगाएं ये पौधा तो दूर रहेंगे जंगली पशु

Farming Tips : आवारा पशु किसानों की फसल के लिए बड़ी मुसीबत बन चुके हैं. महंगे और खतरनाक उपायों के बजाय अब किसान एक आसान देसी तरीका अपना सकते हैं. गेहूं की मेड़ पर हरा धनिया बोने से पशु दूर रहते हैं, फसल सुरक्षित रहती है और अतिरिक्त कमाई का मौका भी मिलता है.

नोएडा | Updated On: 25 Dec, 2025 | 05:26 PM

Crop Protection : गांवों में सर्दियों की सुबह सिर्फ कोहरे से नहीं ढकी होती, बल्कि किसानों की चिंता भी साथ चलती है. खेत में खड़ी गेहूं की फसल देखकर खुशी होती है, लेकिन मन में डर भी रहता है-कहीं रात में आवारा पशु घुस न जाएं. कई किसान महंगे कंटीले तार लगाते हैं, कहीं झटका मशीन लगती है, लेकिन फिर भी फसल सुरक्षित नहीं रहती. ऊपर से हादसों का खतरा अलग. ऐसे में अगर बिना ज्यादा खर्च, सुरक्षित और आसान तरीका मिल जाए, तो हर किसान उसे अपनाना चाहेगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गेहूं की मेड़ पर हरा धनिया बोना ऐसा ही एक देसी और कारगर उपाय है.

आवारा पशु क्यों बनते हैं किसानों की सबसे बड़ी मुसीबत

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  आज गांवों में आवारा पशुओं   की संख्या लगातार बढ़ रही है. ये पशु खेतों में घुसकर कुछ ही मिनटों में महीनों की मेहनत चौपट कर देते हैं. कई बार पूरी फसल चर जाते हैं, जिससे किसान को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. मजबूरी में किसान कंटीले तार, झटका मशीन  या रातभर रखवाली का सहारा लेते हैं. लेकिन ये तरीके न सिर्फ महंगे हैं, बल्कि इंसानों और पशुओं दोनों के लिए खतरनाक भी माने जाते हैं. ऐसे में किसान ऐसे उपाय की तलाश में रहते हैं, जो सस्ता भी हो और सुरक्षित भी.

गेहूं की मेड़ पर हरा धनिया क्यों है असरदार उपाय

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार हरा धनिया  अपनी तेज और खास खुशबू के लिए जाना जाता है. यही खुशबू आवारा पशुओं को खेत के पास आने से रोकती है. जब गेहूं के खेत के चारों ओर मेड़ पर हरा धनिया उगता है, तो वह एक तरह का प्राकृतिक सुरक्षा घेरा बना लेता है. पशु इस खुशबू से असहज महसूस करते हैं और खेत में घुसने से बचते हैं. इससे गेहूं की फसल सुरक्षित रहती है और किसान को किसी महंगे इंतजाम की जरूरत नहीं पड़ती.

कब और कैसे करें हरे धनिया की बुवाई

अगर किसान अभी गेहूं की बुवाई कर रहे हैं, तो खेत की मेड़ के किनारे-किनारे हरे धनिया के बीज बिखेर सकते हैं. ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं होती. वहीं, जिन किसानों ने गेहूं की बुवाई पहले ही कर ली है, वे पहली सिंचाई के समय भी मेड़ पर धनिया के बीज डाल सकते हैं. सिंचाई का पानी बीजों को जमने  में मदद करता है. कुछ ही दिनों में धनिया उगने लगता है और खेत के चारों ओर हरियाली के साथ सुरक्षा भी मिल जाती है.

फसल की सुरक्षा के साथ अतिरिक्त कमाई का मौका

हरा धनिया सिर्फ फसल बचाने का तरीका ही नहीं है, बल्कि कमाई का जरिया भी बन सकता है. जब धनिया तैयार हो जाता है, तो किसान इसे बाजार में बेच सकते हैं. इससे गेहूं की फसल सुरक्षित रहती है और ऊपर से हरे धनिया से अतिरिक्त आमदनी भी होती है. यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक, कम लागत वाला  और सुरक्षित है. न बिजली का झंझट, न तारों का खर्च और न हादसे का डर.

Published: 25 Dec, 2025 | 07:25 PM

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