किसानों के लिए खुशखबरी! खाद की खुदरा कीमतों पर बड़ा अपडेट.. पढ़ें पूरी खबर

खाद की उपलब्धता को और मजबूत किया गया है. इस दौरान घरेलू उत्पादन 76.78 लाख टन रहा, जबकि 19.94 लाख टन खाद का आयात किया गया. इस तरह कुल मिलाकर लगभग 97 लाख मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता बढ़ाई गई है. इसके अलावा भारत ने वैश्विक बाजार से 7 लाख टन एनपीके कॉम्प्लेक्स खाद भी सुरक्षित कर लिया है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 12 May, 2026 | 10:02 PM

Fertilizer Stock: खरीफ सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को उर्वरक को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. केंद्र सरकार ने कहा है कि खरीफ सीजन की बुवाई के लिए देश में खाद (फर्टिलाइजर) का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा एस. शर्मा ने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक में बताया कि सरकार घरेलू उत्पादन को पूरा करने के लिए यूरिया और अन्य पोषक तत्वों का आयात भी कर रही है, ताकि खरीफ सीजन में किसानों को किसी तरह की कमी न हो. उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख उर्वरकों के अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. खास बात यह है कि वर्तमान में खाद का स्टॉक कुल जरूरत का 51 फीसदी से अधिक है. यह सामान्य स्तर 33 फीसदी से काफी ज्यादा है.

शर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उर्वरकों के संतुलित उपयोग  को बढ़ावा देने और उनके अत्यधिक इस्तेमाल को रोकने पर काम कर रही हैं. साथ ही, राज्यों को जमाखोरी रोकने और खाद के व्यावसायिक दुरुपयोग पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारी ने कहा कि भारत में खाद (फर्टिलाइजर) की स्थिति सुरक्षित और अच्छी तरह से प्रबंधित है.

जरूरत से ज्यादा खाद का स्टॉक

उन्होंने कहा कि खरीफ 2026 सीजन के लिए कृषि विभाग द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, वर्तमान में खाद का स्टॉक कुल जरूरत का 51 फीसदी से अधिक है. यह सामान्य स्तर 33 फीसदी से काफी ज्यादा है, जो स्थिति को काफी मजबूत दिखाता है. वहीं, कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए कुल 390.54 लाख टन खाद की जरूरत का अनुमान लगाया है.

खाद का घरेलू उत्पादन 76.78 लाख टन रहा

अधिकारियों ने कहा कि संकट के बाद देश में खाद की उपलब्धता  को और मजबूत किया गया है. इस दौरान घरेलू उत्पादन 76.78 लाख टन रहा, जबकि 19.94 लाख टन खाद का आयात किया गया. इस तरह कुल मिलाकर लगभग 97 लाख मीट्रिक टन खाद की उपलब्धता बढ़ाई गई है. इसके अलावा भारत ने वैश्विक बाजार से 7 लाख टन एनपीके कॉम्प्लेक्स खाद भी सुरक्षित कर लिया है. साथ ही 12 लाख टन डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट), 4 लाख टन ट्रिपल सुपर फॉस्फेट और 3 लाख टन अमोनियम सल्फेट की भी व्यवस्था की गई है. अधिकारियों का कहना है कि इससे आने वाले 15- 20 दिनों में शुरू होने वाले पीक सीजन में खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी.

अप्रैल महीने में खाद की खपत

अधिकारी ने बताया कि सचिवों का एक विशेष समूह हर हफ्ते खाद (फर्टिलाइजर) की स्थिति की समीक्षा कर रहा है. पिछले सप्ताह उर्वरक विभाग ने जानकारी दी कि मार्च-अप्रैल में देश में कुल 67.76 लाख टन खाद का उत्पादन हुआ. इसमें यूरिया 40.72 लाख टन, डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) 5.39 लाख टन, एनपीके 13.65 लाख टन और एसएसपी 8 लाख टन शामिल है.

पीएम मोदी की किसानों से खास अपील

बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रासायनिक खाद के ज्यादा इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा था कि इससे मिट्टी की उर्वरता घट रही है और देश की आयात पर निर्भरता बढ़ रही है. उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद का इस्तेमाल 50 फीसदी तक कम करने और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती मसालों की अपील की. ​​साथ ही खेती में डीजल पंपों की जगह सोलर पंप इस्तेमाल करने पर जोर दिया था.

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Published: 12 May, 2026 | 08:25 PM
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