धान खरीद में अनियमितता पर सख्ती, कार्यकारी अधिकारी बर्खास्त..दो सचिवों पर भी कार्रवाई

हरियाणा में 2025-26 की धान खरीद में कथित अनियमितताओं पर बड़ी कार्रवाई हुई है. HSAMB ने करनाल मार्केट कमेटी की पूर्व सचिव आशा रानी को सेवा से बर्खास्त कर दिया. जांच में गेट पास जारी करने में कई IP एड्रेस के इस्तेमाल और नियमों की अनदेखी सामने आई. वहीं, घरौंडा और असंध के दो सचिवों को तीन साल के लिए डिमोट किया गया है.

नोएडा | Published: 10 Aug, 2026 | 08:28 AM

Haryana News: हरियाणा में 2025-26 की धान खरीद के दौरान कथित गड़बड़ियों के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) ने करनाल मार्केट कमेटी की पूर्व सचिव और कार्यकारी अधिकारी आशा रानी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है. वहीं, दो अन्य मार्केट कमेटी सचिवों को उनके मौजूदा पद से तीन साल के लिए डिमोट किया गया है. आशा रानी के खिलाफ धान खरीद से जुड़े मामले में विभागीय जांच की गई थी. जांच में उन पर लगाए गए कदाचार के तीन आरोप सही पाए गए. इसके बाद HSAMB ने उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की.

बोर्ड के आदेश के मुताबिक, आशा रानी पर ‘ई-खरीद’ पोर्टल के जरिए गेट पास जारी करने की प्रक्रिया की सही तरीके से निगरानी नहीं करने का आरोप था. धान खरीद प्रक्रिया में कथित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर विभाग ने यह कार्रवाई की है. हरियाणा में धान खरीद  से जुड़ी जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. जांच में पता चला कि मंडी में गेट पास जारी करने के लिए एक से ज्यादा IP एड्रेस का इस्तेमाल किया गया. ये गेट पास गेट-पास कर्मचारियों को दी गई आईडी से जारी किए गए थे. इससे मंडी में वास्तव में पहुंची PR धान की मात्रा से ज्यादा गेट पास जारी हो गए.

गेट पास प्रक्रिया की निगरानी में लापरवाही का आरोप

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के मुख्य प्रशासक धर्मेंद्र सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि मार्केट कमेटी की सचिव और कार्यकारी अधिकारी होने के नाते आशा रानी की जिम्मेदारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने की थी. विभागीय जांच में आशा रानी के खिलाफ लगाए गए तीनों आरोप साबित हुए. इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने जांच रिपोर्ट, दस्तावेजी सबूत  और आशा रानी की ओर से दिए गए जवाब की समीक्षा की. जांच के आधार पर उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई.

ई-खरीद पोर्टल पर गेट पास में गड़बड़ी

आशा रानी को सेवा से हटाने के अलावा दो अन्य मार्केट कमेटी सचिवों के खिलाफ भी विभाग ने सख्त कदम उठाया है. घरौंडा के तत्कालीन मार्केट कमेटी सचिव चंदर प्रकाश और असंध के तत्कालीन सचिव कृष्ण धनकर को उनके पद से नीचे के पद और कम वेतनमान पर तीन साल के लिए डिमोट किया गया है. विभाग के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने तय नियमों के मुताबिक अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाईं. आरोप है कि उन्होंने ई-खरीद पोर्टल  पर मास्टर आईडी से गेट पास जारी करने की प्रक्रिया की सही निगरानी नहीं की. साथ ही, गेट पास कर्मचारियों को दी गई आईडी से कई IP एड्रेस के इस्तेमाल की भी अनुमति दी गई.

आशा रानी ने आरोपों को बताया तकनीकी गड़बड़ी

आशा रानी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था. उनका कहना था कि IP एड्रेस और ई-खरीद पोर्टल से जुड़ी गड़बड़ियां तकनीकी थीं. उन्होंने यह भी कहा था कि PR धान की खरीद बढ़ने की वजह उत्पादन में बढ़ोतरी थी. हालांकि, विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर उन्हें सेवा से हटाने का फैसला लिया गया.

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