हरियाणा के राइस मिलर्स को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. केंद्र ने 2025-26 खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए राज्य में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ा दिया है. पहले हरियाणा के लिए 55 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान खरीद करने का लक्ष्य तय किया गया था. अब इसे बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इसके साथ ही बढ़ी हुई मात्रा के बदले कस्टम मिल्ड राइस (CMR) जमा करने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है. अब मिलर्स 30 सितंबर 2026 तक बढ़ी हुई मात्रा के लिए CMR जमा कर सकेंगे. इस फैसले से राज्य के राइस मिलर्स को धान की मिलिंग और चावल जमा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने गुरुवार को आदेश जारी कर हरियाणा के लिए धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मंजूरी दी. सरकार ने यह फैसला पिछले दो खरीफ सीजन में धान खरीद के रुझान की समीक्षा के बाद लिया है. इसके अलावा इम्प्रूव्ड राइस स्कीम के तहत चावल का आवंटन, बिना मिलिंग वाले धान के स्टॉक की भौतिक जांच और अन्य संबंधित पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया. इन सभी जानकारियों के आधार पर हरियाणा के लिए धान स्वीकार करने का लक्ष्य 55 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन किया गया है.
राइस मिलर्स ने रखी अपनी मांगें
राइस मिलर्स के मुताबिक, केंद्र सरकार ने पहले भारतीय खाद्य निगम (FCI) के लिए हरियाणा में धान खरीद करने का लक्ष्य 55 लाख मीट्रिक टन (LMT) तय किया था. हालांकि, सरकारी एजेंसियों ने करीब 62 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की थी. यह धान हरियाणा के करीब 1,400 राइस मिलर्स को मिलिंग के लिए दिया गया था. मिलर्स को इस धान से तैयार कस्टम मिल्ड राइस (CMR) FCI को जमा करना था. इसकी समय सीमा पहले 30 जून 2026 तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दिया गया.
FCI पर CMR लेने से इनकार का आरोप
राइस मिलर्स का आरोप है कि इसके बावजूद FCI के अधिकारियों को आगे CMR स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए गए थे. इससे मिलर्स में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए. मिलर्स ने हाल के दिनों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. इसके अलावा, मिलर्स ने चंडीगढ़ स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कार्यालय के बाहर धरना भी दिया.
हरियाणा में जांच मजबूत करने के निर्देश
केंद्र सरकार ने हरियाणा में धान स्वीकार करने का लक्ष्य बढ़ाने के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं. राज्य सरकार को खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी रोकने के लिए जांच और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है. केंद्र ने उपज तय करने की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए ऐसे मानकों का इस्तेमाल करने को कहा गया है, जिन्हें जांचा और प्रमाणित किया जा सके.
रबी सीजन से लागू होगा Agristack
केंद्र ने हरियाणा सरकार से अगली रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) से खरीद प्रक्रिया में AgriStack लागू करने को कहा है. इसका मकसद किसानों और उनकी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की बेहतर जांच करना है. सरकार के मुताबिक, इन कदमों से किसान और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन मजबूत होगा और धान खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी.
राइस मिलर्स ने फैसले का स्वागत किया
हरियाणा प्रदेश राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला एसोसिएशन, राज्य सरकार और विभाग की करीब दो महीने की लगातार कोशिशों के बाद आया है. छाबड़ा के मुताबिक, नीति से जुड़े मुद्दों के कारण CMR जमा करने का काम अटका हुआ था. अब केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद यह समस्या दूर हो गई है.