केंद्र ने घटाया धान खरीद का लक्ष्य, 708 लाख टन टारगेट.. मोटे अनाज की खरीद बढ़ेगी

केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है. यह पिछले तीन सीजन की वास्तविक खरीद से कम है. वहीं, राज्यों के लिए 18.85 लाख टन मोटे अनाज खरीदने का अनुमान है. 5 अगस्त तक इस साल 720.74 लाख टन धान खरीदा जा चुका था, जो तय लक्ष्य से अधिक है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 2 Sep, 2026 | 03:13 PM

केंद्र सरकार ने 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) के लिए 708.64 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया है. यह सीजन 1 अक्टूबर से शुरू होगा. सरकार का यह लक्ष्य पिछले तीन खरीफ सीजन में हुई वास्तविक धान खरीद से कम है. वहीं, खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 में राज्यों के लिए 18.85 लाख टन मोटे अनाज की खरीद का अनुमान लगाया गया है. पिछले सीजन 2025-26 में राज्यों ने 16.38 लाख टन मोटे अनाज की खरीद की थी. यह पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा खरीद थी. खास बात यह है कि यह लक्ष्य राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया. बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने की.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ चर्चा के बाद 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए 708.64 लाख टन धान खरीद का अनुमान तय किया है. खाद्य मंत्रालय ने बताया कि यह लक्ष्य राज्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किया गया है. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 5 अगस्त तक खरीफ सीजन में 720.74 लाख टन धान की खरीद हो चुकी थी. वहीं, 2024-25 के पूरे सीजन में 708.85 लाख टन और 2023-24 में 689.56 लाख टन धान खरीदा गया था.

धान का बुवाई रकबा घटकर 414.10 लाख हेक्टेयर हुआ

इस बार खरीद का लक्ष्य कम रखने की एक बड़ी वजह धान के बुवाई रकबे में कमी है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त तक देश में 414.10 लाख हेक्टेयर में धान की खेती हुई है. पिछले साल इसी अवधि में यह रकबा 428.46 लाख हेक्टेयर था. 2025-26 के खरीफ सीजन में धान का उत्पादन 1239.2 लाख टन रहने का अनुमान है. यह कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक है.

सरकारी योजनाओं के लिए चावल की क्वालिटी के नियम सख्त

वहीं, खाद्य सचिव संजीव के बैठक में PM-GKAY और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के लिए ‘इम्प्रूव्ड राइस’ लागू करने को भी मंजूरी दी गई. इसके तहत चावल में टूटे हुए दानों यानी ब्रोकन राइस की तय सीमा कम कर दी गई है. नए नियमों के मुताबिक, कच्चे चावल में अब अधिकतम 10 फीसदी टूटे दाने की अनुमति होगी. पहले यह सीमा 25 फीसदी थी. वहीं, उसना चावल में टूटे दानों की सीमा 16 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई है.

नए नियम खरीफ 2026-27 से लागू

‘इम्प्रूव्ड राइस’ के नए नियम खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 से लागू होंगे. इन्हें धान खरीद करने वाले राज्यों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. सरकार ने राज्यों से अपनी मिलिंग क्षमता का आकलन करने और उसे बेहतर बनाने के लिए योजना तैयार करने को कहा है.

भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर

केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने नई स्टोरेज पॉलिसी की भी समीक्षा की. इस नीति के तहत देश में 131 लाख टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता तैयार करने की योजना है. इसमें राज्यों के स्तर पर 111 लाख टन और भारतीय खाद्य निगम (FCI) के स्तर पर 20 लाख टन क्षमता बढ़ाई जाएगी. इसका उद्देश्य सरकारी खरीद और अनाज के वितरण के बीच पैदा होने वाले अंतर को कम करना है. राज्यों से अपने गोदामों को Depot Darpan पोर्टल पर जोड़ने और तय समयसीमा में कार्ययोजना जमा करने को कहा गया है.

खाद्यान्न सप्लाई में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा

सरकार खाद्यान्न की सप्लाई को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रही है. PDS सप्लाई चेन के तहत खाद्यान्न की आवाजाही पर नजर रखने के लिए Vehicle Location Tracking System (VLTS) लागू किया जा रहा है. GPS आधारित इस सिस्टम को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. कुछ राज्यों में इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने की योजना है.

पंजाब-हरियाणा में खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने वाला टूल लागू

धान खरीद को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए Procurement Optimisation Tool पंजाब और हरियाणा में लागू कर दिया गया है. दूसरे राज्यों को 15 सितंबर 2026 तक खरीद केंद्र, मिल और गोदाम से जुड़ा डेटा अपडेट करने को कहा गया है. सरकार ने धान खरीद और खाद्यान्न प्रबंधन में बेहतर काम के लिए आंध्र प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ को अलग-अलग क्षेत्रों में सराहा है. आंध्र प्रदेश को इम्प्रूव्ड राइस लागू करने, पंजाब को जॉइंट फिजिकल वेरिफिकेशन, कर्नाटक को PCSAP प्रदर्शन और श्री अन्न खरीद, जबकि छत्तीसगढ़ को धान खरीद में AgriStack अपनाने के लिए मान्यता दी गई है.

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Published: 2 Sep, 2026 | 03:02 PM

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