Onion Price: प्याज पर बड़ी राहत! 840 टन प्याज लेकर चेन्नई पहुंची कांदा एक्सप्रेस, जानें किसे मिलेगा फायदा

Kanda Express: केंद्र सरकार ने प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए बफर स्टॉक से सप्लाई बढ़ा दी है. 840 टन प्याज लेकर दूसरी ‘कांदा एक्सप्रेस’ चेन्नई पहुंची है, जिसे तमिलनाडु में PDS के जरिए राशन कार्डधारकों तक पहुंचाया जाएगा. देश के 19 शहरों में 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जा रहा है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 2 Sep, 2026 | 01:31 PM

Onion Buffer Stock: देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने और बाजार में इसकी सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज निकालना तेज कर दिया है. इसी कड़ी में 840 टन प्याज लेकर दूसरी ‘कांदा एक्सप्रेस’ ट्रेन 31 अगस्त को चेन्नई पहुंच गई. यह प्याज महाराष्ट्र के नासिक से भेजा गया है. तमिलनाडु सरकार इस खेप को सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के जरिए लोगों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है. इसके तहत हर राशन कार्डधारक को 1 किलो प्याज देने की योजना है.

दिल्ली के बाद चेन्नई पहुंची दूसरी कांदा एक्सप्रेस

सरकार ने प्याज की सप्लाई बढ़ाने के लिए रेल मार्ग का इस्तेमाल शुरू किया है. इससे पहले 27 अगस्त की देर रात 450 टन प्याज लेकर पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ दिल्ली पहुंची थी. इस खेप में से 140 टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर जैसे शहरों में भेजा गया, जबकि बाकी प्याज दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में उतारा गया. दोनों ट्रेनों को महाराष्ट्र के नासिक से रवाना किया गया, जो देश के प्रमुख प्याज उत्पादक इलाकों में शामिल है. अब चेन्नई पहुंची दूसरी खेप से दक्षिण भारत में भी प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

35 रुपये किलो की दर से मिल रहा प्याज

सरकार सिर्फ रेलवे के जरिए ही प्याज नहीं भेज रही है. सप्लाई बढ़ाने के लिए रेल और सड़क दोनों माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. करीब 1,000 टन प्याज सड़क मार्ग से भी बड़े शहरों और प्रमुख मंडियों तक पहुंचाया जा रहा है. इसके साथ ही देश के 19 बड़े शहरों में 30 से ज्यादा ट्रकों के जरिए प्याज की खुदरा बिक्री बढ़ाई गई है. दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पटना, चेन्नई और कोच्चि जैसे शहरों में NCCF, NAFED, केंद्रीय भंडार और मोबाइल वैन के जरिए प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर बेचा जा रहा है. अब तक 669 टन सब्सिडी वाला प्याज बाजार में बेचा जा चुका है. इसमें 223 टन प्याज थोक मंडियों के जरिए और 446 टन खुदरा बाजार में पहुंचाया गया है.

बफर स्टॉक से प्याज निकालने का असर

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 24 अगस्त से प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारना शुरू किया था. इस साल सरकार ने 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है. बफर स्टॉक से प्याज की बिक्री शुरू होने के बाद दिल्ली, वाराणसी और अमृतसर जैसे शहरों में कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. सरकार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सप्लाई सामान्य रहने से प्याज के दाम ज्यादा नहीं बढ़ेंगे.

किसानों को भी मिला भुगतान

सरकार ने प्याज की खरीद के साथ किसानों के भुगतान पर भी ध्यान दिया है. प्याज उत्पादक करीब 3,400 किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. यानी सरकार का फोकस सिर्फ उपभोक्ताओं को सस्ता प्याज उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को समय पर भुगतान देने की भी कोशिश की जा रही है. रेल से बड़ी मात्रा में प्याज पहुंचाने के दौरान कालाबाजारी और गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं. कुल मिलाकर सरकार की कोशिश है कि प्याज की सप्लाई बढ़े, जमाखोरी पर रोक लगे और आम लोगों को महंगे प्याज से राहत मिल सके.

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