गेहूं और सरसों उत्पादन पर अल नीनो का खतरा! रबी फसलों के लिए सतर्कता बरतने की सलाह

Finance Ministry Report on Rabi Crops : वित्त मंत्रालय ने अल नीनो को खतरा बताते हुए गेहूं और सरसों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई है. मंत्रालय की मासिक रिपोर्ट में रबी फसलों के लिए सतर्क नजरिया रखने और उपायों के लिए तैयारी करने की सलाह दी गई है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 2 Sep, 2026 | 01:16 PM

अल नीनो के मजबूत होती संभावनाओं से कृषि उत्पादन पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं. कई शोध रिपोर्ट के बाद अब वित्त मंत्रालय ने भी अल नीनो को खतरा बताते हुए गेहूं और सरसों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई है और रबी फसलों के लिए सतर्क नजरिया रखने की सलाह दी है. कहा गया है कि खाद्य महंगाई दर को नियंत्रित रखने के लिए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

रबी फसलों पर सतर्क नजरिया रखने की जरूरत – MER

वित्त मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी मासिक आर्थिक समीक्षा (MER) रिपोर्ट में कहा गया कि 2026 के अंत में चरम पर पहुंचने की संभावना वाले तेज होते ‘अल नीनो’ के कारण घरेलू खाद्य महंगाई दर और आगामी रबी फसलों पर सतर्क नजरिया रखने की जरूरत है. रिपोर्ट के मुताबिक विशेष रूप से गेहूं और सरसों सहित कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है.

मासिक आर्थिक समीक्षा ने बाहरी माहौल को अनिश्चितता का प्रमुख सोर्स बताया और कहा कि आगे चलकर तीन वैश्विक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है. इनमें दुनिया भर में खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण वैश्विक औसत महंगाई दर में संभावित बढ़ोत्तरी महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में शामिल है.

खाद्य महंगाई दर और वैश्विक अनिश्चतता पर नजर रखने की सलाह

आने वाले महीनों में खाद्य कीमतों, मौसम की स्थिति और वैश्विक अनिश्चितताओं पर बारीकी से नजर रखने को कहा गया है. हालांकि, बाहरी जोखिमों के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधि, महंगाई दर और बाहरी स्थिति अपेक्षाकृत स्थिर रही है. घरेलू आर्थिक गतिविधि स्थिर बनी हुई है. सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी, जो भारतीय रिजर्व बैंक के 7 फीसदी के अनुमान से अधिक है.

गेहूं और सरसों के उत्पादन पर बुरा असर होने की आशंका

मासिक रिपोर्ट में कहा गया है कि अल नीनो की स्थितियों के उभरने और उनके बने रहने के चलते बारिश, फसलों के परिणामों और खाद्य महंगाई पर इसके प्रभावों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है. कहा गया है कि मौसम बदलावों के चलते गेहूं और सरसों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. जबकि, खरीफ फसलों पर भी सतर्क नजरिया और उपाय तैयार रखने की सलाह दी गई है.

कम बारिश खरीफ और रबी फसलों को परेशान करेगी- IMD

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अपने मौसम अनुमान में सितंबर में अल नीनो की मजबूत स्थिति को देखते हुए कम बारिश का अनुमान जताया है. वहीं, अक्तूबर और अगले महीनों में तापमान बढ़ने की आशंका भी जताई गई है. ऐसे में मौजूद खरीफ फसलों के उत्पादन और क्वालिटी में गिरावट की चिंता बढ़ गई है और कृषि लागत में इजाफा होने की बात कही गई है. कई हिस्सों में देरी से मॉनसूनी बारिश आने से पहले से ही बुवाई पिछड़ी हुई है, जो आगामी रबी सीजन की फसलों को प्रभावित करेगी.

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Published: 2 Sep, 2026 | 01:04 PM

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