किसान की मौत पर MP में गरमाई सियासत, कांग्रेस ने मोहन सरकार को घेरा.. की मुआवजे की मांग

30 वर्षीय पंकज मालवीय उज्जैन शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर तराना तहसील के ग्राम खेड़ा जामुनिया का रहने वाला था. उसने अपने छह बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी. मंगलवार शाम को आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद हो गई.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 28 Jan, 2026 | 07:40 PM

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में ओलावृष्टि और बारिश से फसल बर्बाद होने पर एक किसान ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. वहीं, मीडिया में इस घटना की खबर आते ही प्रदेश में सियासी गरमा गई है. कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार पर हमला बोला है. उसने ट्वीट करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले में ओलावृष्टि ने एक बार फिर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेरा है. कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि उज्जैन जिले की तराना विधानसभा के ग्राम जमुनिया के किसान पंकज मालवीय ने आर्थिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली. भाजपा की किसान विरोधी सरकार में मजबूर किसान आत्महत्या को विवश हैं.

कांग्रेस पार्टी ने मोहन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग  की है. कांग्रेस ने कहा है कि मोहन सरकार को तत्काल पीड़ित किसान के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान करना चाहिए. किसानों के दर्द को समझकर उनके हित में उचित कदम उठाना आवश्यक है. वरना कर्ज के बोझ तले दबकर किसानों की मौतों का सिलसिला थामना मुश्किल होगा.

इस वजह से उठाया कमद

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 30 वर्षीय पंकज मालवीय उज्जैन शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर तराना तहसील के ग्राम खेड़ा जामुनिया का रहने वाला था. उसने अपने छह बीघा खेत में गेहूं की फसल बोई थी. मंगलवार शाम को आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद  हो गई. इससे आहत होकर पंकज रात को घर नहीं गया. अगले दिन सुबह खेत पर फंदे से लटका हुआ उसका शव मिला. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले की जांच शुरू कर दी. प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की बात कही है.

अप्रैल में बहन की होने वाली है शादी

कहा जा रहा है कि पंकज के दो बच्चे हैं. एक आठ साल का बेटा और पांच साल की बेटी है. उसकी दो बहनें हैं. जबकि पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. पंकज ही घर का अकेला कमाने वाला था. फसल चौपट होने से वह गहरे तनाव में था. उसने मरने से पहले दर्दभरे गीत ‘ऐसा क्या गुनाह किया…’ पर अपनी खराब फसलों का वीडियो स्टेटस पर लगाया था. वहीं, रिश्तेदार ईश्वर लाल परमार का कहना है कि दो दिन पहले पंकज की बहन की सगाई हुई थी. अप्रैल में शादी होनी है. ओलावृष्टि के बाद शाम करीब सात बजे पंकज ने फोन कर बहनों की शादी को लेकर चिंता जाहिर की थी. उसने कहा था कि फसल बर्बाद हो गई है, अब शादी कैसे होगी. समझाने के बावजूद उसने यह कदम उठा लिया.

 

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Published: 28 Jan, 2026 | 05:53 PM
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