Bihar Flood News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर बिहार के सीमावर्ती इलाकों में भी देखने को मिल रहा है. कई नदियों में पानी बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. इसी बीच बिहार सरकार ने लोगों की सेहत और सुरक्षा को लेकर एक जरूरी चेतावनी जारी की है. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने लोगों से बाढ़ के पानी के साथ बहकर आईं अज्ञात और असामान्य दिखने वाली मछलियों को खाने से बचने की अपील की है. सरकार की चिंता इस बात को लेकर है कि बाढ़ के पानी के साथ ऐसी मछलियां भी दूसरे इलाकों से आ सकती हैं, जिनकी पहचान स्थानीय लोगों को नहीं है. इसलिए जब तक किसी मछली की प्रजाति और उसके खाने के लिए सुरक्षित होने की पुष्टि न हो, तब तक उसे खाने से बचना ही बेहतर है.
अनजान मछली दिखे तो बिल्कुल न खाएं
बिहार मत्स्य विभाग ने साफ कहा है कि बाढ़ के पानी से पकड़ी गई किसी भी ऐसी मछली का सेवन न करें जो देखने में अलग या असामान्य लगे. खासकर उन मछलियों से दूरी बनाकर रखें, जिन्हें स्थानीय लोग आम तौर पर नहीं पहचानते या खाते हैं. बाढ़ के दौरान नदियों और जलाशयों में पानी का बहाव तेज हो जाता है. ऐसे में अलग-अलग जगहों की मछलियां बहकर नए इलाकों में पहुंच सकती हैं. इसलिए सिर्फ मछली होने के आधार पर उसे खाने योग्य मान लेना नुकसानदायक हो सकता है.
जनहित में आवश्यक सूचना / एडवाइजरी
नेपाल की ओर से बाढ़ के पानी के साथ बिहार में पहुंची अज्ञात /असामान्य मछलियों के संबंध में सावधानी बरतें#PublicAdvisory #PublicAwareness #FloodAlert #FloodWater #UnknownFish #UnusualFish #Fisheries#सावधानी_बरतें #बाढ़ #बाढ़_का_पानी #अज्ञात_मछली pic.twitter.com/FRObPDsIZuऔर पढ़ें— Dairy, Fisheries and Animal Resources Dept., Bihar (@BiharAFRD) August 31, 2026
बाजार में खरीद-बिक्री से भी बचें
सरकार ने लोगों से ऐसी संदिग्ध मछलियों की खरीद-बिक्री से भी बचने को कहा है. अगर बाढ़ के पानी से कोई अनजान या असामान्य मछली पकड़ी जाती है, तो उसे बाजार में बेचने या खरीदकर घर में पकाने से बचना चाहिए. विभाग के मुताबिक, जब तक संबंधित अधिकारी या विशेषज्ञ मछली की पहचान और उसकी सुरक्षा की पुष्टि न कर दें, तब तक उसे खाने योग्य नहीं मानना चाहिए.
ऐसी मछली दिखे तो प्रशासन को बताएं
अगर किसी इलाके में बाढ़ के पानी के साथ कोई अज्ञात मछली दिखाई देती है या बाजार में ऐसी मछली बिकती हुई नजर आती है, तो इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन या जिला मत्स्य पदाधिकारी को देने की सलाह दी गई है. सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को भी मंडियों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. इसका मकसद संदिग्ध मछलियों की बिक्री और उनके सेवन से होने वाली किसी भी संभावित समस्या को समय रहते रोकना है.
नेपाल में आई बाढ़ के बाद पानी के तेज बहाव के साथ कई जगहों पर बड़ी और असामान्य मछलियां बिहार के इलाकों तक पहुंच रही हैं। इसे लेकर सरकार ने भी एडवाइजरी जारी कर लोगों को ऐसी मछलियों को न खाने, न खरीदने और न बेचने की सलाह दी है।#Bihar #NepalFlood #NepalFish #BiharFlood pic.twitter.com/igVwKPokz3
— Garima Bharti (@GarimaBharti19) September 2, 2026
गलती से खा ली तो इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर किसी व्यक्ति ने गलती से ऐसी अज्ञात मछली खा ली है और उसके बाद तबीयत बिगड़ने लगे, तो लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. उल्टी, दस्त, तेज पेट दर्द, चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी या शरीर में किसी तरह की असामान्य प्रतिक्रिया होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल जाना चाहिए. खासकर सांस लेने में परेशानी या गंभीर एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई देने पर इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए. बिहार के सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की यह एडवाइजरी लोगों को सतर्क रहने की सलाह देती है. फिलहाल लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे बाढ़ के पानी से पकड़ी गई किसी भी अनजान या असामान्य मछली को बिना पहचान और पुष्टि के न खाएं.