Vegetable Farming Tips: सर्दियों का मौसम न सिर्फ ठंड लेकर आता है, बल्कि किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का बेहतरीन अवसर भी देता है. ठंड के मौसम में पत्तेदार सब्जियों जैसे- पालक, मेथी और धनिया की खेती सबसे अधिक की जाती है. आइए जानते हैं कि किसान इन फसलों से कम लागत में अधिक मुनाफा कैसे कमा सकते है.
जनवरी का मौसम किसानों के लिए सिर्फ ठंड ही नहीं, बल्कि कम लागत में ज्यादा कमाई का मौका भी लेकर आता है. इस समय पत्तेदार सब्जियों की खेती सबसे अधिक लाभकारी मानी जाती है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में हरी सब्जियों की मांग और कीमत दोनों में बढ़ोतरी होगी. इस मौसम में पत्तेदार सब्जियों जैसे- पालक, मेथी और धनिया की खेती सबसे अधिक की जाती है. इन फसलों की खासियत यह है कि ये कम समय में तैयार हो जाती है और रोजाना बेचने की सुविधा होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है.
कम समय में तैयार, बाजार में तेज बिक्री
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार किसान ने बताया कि पालक, धनिया, मेथी और शलजम जैसी पत्तेदार सब्जियां कम लागत में जल्दी तैयार हो जाती हैं. इन्हें उगाने के लिए भारी निवेश की जरूरत नहीं होती और डेढ़ से दो महीने में ही किसान उत्पादन शुरू कर सकता है, जिससे छोटे किसान भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
मिट्टी अच्छी पैदावार का आधार
पत्तेदार सब्जियों के लिए बलुई दोमट या रेतीली मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें पानी का जमाव न के बराबर होता हो. अच्छी पैदावार के लिए खेत में 50–60 प्रतिशत सामान्य मिट्टी के साथ 30–40 प्रतिशत गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट मिलाना चाहिए. रेतीली मिट्टी मिलाने से जल निकासी बेहतर हो जाती है. बुवाई से पहले खेत की अच्छी जुताई कर खरपतवार निकालना जरूरी है.
बुवाई का सही तरीका
बीज बोने से पहले बीजों को रात भर पानी में भिगो देना चाहिए. इसके बाद ट्राइकोडर्मा से बीज उपचार करने पर अंकुरण बेहतर होता है. बीजों को बहुत गहराई में न बोएं, लगभग आधा इंच मिट्टी से ढकना पर्याप्त होता है. बुवाई रो में करें और इसके बाद हल्की सिंचाई करें, जिससे मिट्टी में नमी बनी रहे. लेकिन ठंड में अधिक पानी देने से बचें.
ठंड में फसल की सुरक्षा जरूरी
पत्तेदार सब्जियों को रोज़ाना 4–5 घंटे की धूप की आवश्यकता होती है और दोपहर में हल्की छाया मिलनी चाहिए. ठंड के मौसम में पाले का खतरा अधिक रहता है, इसलिए पौधों को ढकने या हल्की सिंचाई जैसे उपाय अपनाए जाने चाहिए. किसान के अनुसार, मेथी 25–30 दिन, पालक 35–40 दिन और धनिया 30–40 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाती है. पत्तेदार सब्जियों की कटाई लगातार की जाती है जिससे उत्पादन और आय दोनो में बढ़ोतरी होती है.
ऑर्गेनिक तरीके से कीट नियंत्रण
पत्तेदार सब्जियों में कीट जल्दी लगते हैं. पत्ती खाने वाली सुंडियों के लिए नीम तेल और हल्दी का छिड़काव कारगर होता है, जबकि रस चूसने वाले कीटों पर नीम तेल और नींबू के पत्तों का काढ़ा असरदार माना जाता है. कम खर्च में 100–150 रुपये के कीट ट्रैप लगाकर भी नुकसान कम किया जा सकता है. इसके अलावा फसल का नियमित निरीक्षण करते रहें, लक्षण दिखते ही पौधे को तुरंत हटा दें.
सही तकनीक से मिलेगा ज्यादा मुनाफा
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान सही समय पर बुवाई करें और ऑर्गेनिक तरीकों को अपनाएं, तो दिसंबर-जनवरी की यह हरियाली 2026 से पहले ही किसानों की आय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है.