लीची किसानों के लिए ICAR की एडवाइजरी, अपनाएं ये 5 तरीके और पाएं रोग मुक्त फसल

Litchi Farming tips: भारत में लीची की खेती बेहद लाभकारी है, लेकिन अच्छी पैदावार और रोग‑मुक्त फल पाने के लिए GAP (Good Agricultural Practices) अपनाना जरूरी है. ICAR - राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर ने किसानों के लिए खास सुझाव दिए हैं, जिनमें फसल की गुणवत्ता, उत्पादन बढ़ाना और कीट‑रोग प्रबंधन शामिल हैं. इन्हें अपनाकर किसान अपने बागों को सुपर‑प्रोडक्टिव और मुनाफेदार बना सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 10 Apr, 2026 | 08:50 AM

ICAR Advisory For Litchi Farmers: भारत में लीची की खेती बेहद फायदेमंग होती है, लेकिन इसके लिए सिर्फ मेहनत करना ही काफी नहीं. अच्छी पैदावार और मीठे, बड़े और रोग‑मुक्त फल पाने के लिए अच्छे कृषि अभ्यास (GAP) अपनाना जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए ICAR – राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर ने लिची किसानों के लिए खास सलाह जारी की है. इसमें फल की गुणवत्ता बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और रोग‑कीट से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव शामिल हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी फसल को सुपर‑प्रोडक्टिव और मुनाफेदार बना सकते हैं.

लीची बागों में नमी बनाए रखना क्यों जरूरी है?

राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र (मुजफ्फरपुर) के अनुसार, लिची के बागों में पर्याप्त नमी बनाए रखना फलों की सही ग्रोथ और आकार के लिए बेहद जरूरी है.

  • इसके लिए हल्की सिंचाई करनी चाहिए, ताकि मिट्टी और जड़ों में नमी बनी रहे.
  • यह प्रक्रिया पौधों को सूखने से बचाती है और फल को मोटा और बड़ा बनाने में मदद करती है.
  • सही नमी से पौधों की स्वास्थ्य और फसल की गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है.

सिंचाई सुबह या शाम के समय करें ताकि पानी पूरी तरह से जड़ों तक पहुंच सके और इवेपरेशन कम हो.

पोषण और उर्वरक प्रबंधन

हर पेड़ को सही पोषण देने के लिए लगभग 500-600 ग्राम यूरिया और 600 ग्राम एमओपी (पोटाश) की आवश्यकता होती है. इन उर्वरकों को पेड़ के चारों ओर गोलाई में फैलाकर मिट्टी में मिलाना चाहिए. यह सुनिश्चित करें कि उर्वरक डालने से पहले पेड़ को पर्याप्त पानी मिल चुका हो, ताकि पोषण की सही मात्रा मिट्टी में अवशोषित हो सके और पेड़ को अधिकतम लाभ मिले.

कीट और रोग प्रबंधन

लीची की फसल में तीन मुख्य कीट और रोग होते हैं –

  • सिंक बग कीट
  • फल बेधक कीट
  • फल झुलसा रोग

इनसे बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए:

  • जिन बागों में कीट का प्रकोप नहीं है, वहाँ कीटनाशक का हल्का छिड़काव पर्याप्त है.
  • जिन बागों में संक्रमण पाया गया है, वहाँ सटीक कीटनाशक मिश्रण का उपयोग करना चाहिए.
  • बड़े आकार के फलों के लिए फल झुलसा और अन्य रोगों से बचाव आवश्यक है.

फसल सुरक्षा और कवकनाशी

फलों के विकास के दौरान उनके रोग मुक्त और अच्छे दर्जे के बने रहने के लिए फंगीसाइड और कीटनाशक का इस्तेमाल करना जरूरी है. इसे 15 लीटर पानी में 0.3 मिली/लीटर की दर से मिलाकर छिड़काव करें. इसके साथ ही, फल का आकार बढ़ाने और जल्दी पकने के लिए 15 दिन के अंतराल पर तरल बोरॉन का छिड़काव करना चाहिए. इससे फल स्वस्थ, बड़ा और गुणवत्तापूर्ण बनता है और बाजार में उसका मूल्य भी बेहतर होता है.

विशेष सुझाव

  • हमेशा अधिक अनुभवी कृषि विशेषज्ञ या ICAR से संपर्क करके किसी नए उपाय को अपनाएं.
  • समय पर सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन और रोग नियंत्रण को प्राथमिकता दें.
  • बागों में लगातार नमी और पौष्टिकता बनाए रखना लिची के फल को बेहतर बनाता है.

लिची की खेती में GAP अपनाने से उत्पादन, फल का आकार, रंग और गुणवत्ता बढ़ती है. सही समय पर कीटनाशक, उर्वरक और कवकनाशी का छिड़काव करना फसल की सुरक्षा और मुनाफा बढ़ाने के लिए जरूरी है. ICAR द्वारा जारी ये दिशानिर्देश किसानों को बेहतर और स्वस्थ लिची उत्पादन सुनिश्चित करने में मदद करेंगे.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 10 Apr, 2026 | 08:10 AM

लेटेस्ट न्यूज़

Heat Wave Safety Tips How To Stay Hydrated In Summers Heatstroke Se Kaise Bache Up Agriculture Department Advisory

लू से बचना है तो तुरंत बदलें अपनी ये आदतें! वरना बढ़ सकता है हीट स्ट्रोक का खतरा, कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी

Rising Feed Costs May Hike Eggs Chicken And Aquaculture Products To More Expensive Poultry Fisheries Sector Already Under Pressure Due To Heatwave

फीड कॉस्ट बढ़ने से अंडे, चिकन और एक्वाकल्चर प्रोडक्ट महंगे होंगे? हीटवेव से पहले ही दबाव में सेक्टर

Mango Farming Heatwave Management Tips To Protect Fruits From Extreme Summer Temperature

उत्तर भारत में हीट वेव का कहर! 48 डिग्री तापमान से झुलस रहे आम, किसान अपनाएं एक्सपर्ट के ये टिप्स

Central Government Release Data For Fertilizer Stocks And Prices Said Availability Surpasses 200 Lakh Metric Tonnes

खाद स्टॉक और कीमतों पर केंद्र सरकार का बड़ा अपडेट, 200 लाख मीट्रिक टन के पार हुई उपलब्धता

Northeast Fisheries Boost Lalan Singh Launches Multi Crore Fishery Projects In Mizoram

नॉर्थ-ईस्ट में मछली पालन की बड़ी क्रांति, ललन सिंह ने शुरू किए 32 करोड़ से ज्यादा के विकास प्रोजेक्ट

Petrol Diesel Price Hike Impact On Farmers Kharif Season 2026 Crops Costs To Increase

पेट्रोल-डीजल महंगा होने से कृषि लागत बढ़ेगी, एक्सपर्ट बोले- खरीफ बुवाई से पहले किसानों की बढ़ी टेंशन