ICAR की नई तकनीक का कमाल, हल्दी की इस किस्म ने किसानों को दिलाया 354 करोड़ का फायदा

Turmeric Variety Pragati: ICAR की नई कृषि तकनीकों और हल्दी की उन्नत 'प्रगति' किस्म से किसानों को बड़ा फायदा मिल रहा है. इससे फसल उत्पादन बढ़ा है, किसानों की आय में इजाफा हुआ है और बागवानी क्षेत्र को करीब 354 करोड़ रुपये का आर्थिक लाभ होने का अनुमान है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 29 Jun, 2026 | 11:44 AM

IISR Pragati Turmeric: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई नई तकनीकों और फसलों की बेहतर किस्मों का फायदा अब किसानों को मिलने लगा है. खासकर बागवानी और मसाला फसलों में इन नए तरीकों से पैदावार बढ़ी है, खेती की लागत घटी है और किसानों की कमाई में भी बढ़ोतरी हुई है. ICAR के मुताबिक, इन नवाचारों से किसानों और बागवानी क्षेत्र को करीब 354 करोड़ रुपये का आर्थिक फायदा हुआ है. इनमें ‘प्रगति’ हल्दी की नई किस्म और बागवानी फसलों के लिए तैयार की गई खास पोषक तत्व तकनीक को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

हल्दी की ‘प्रगति’ किस्म ने बढ़ाया किसानों का मुनाफा

भारतीय मसाला अनुसंधान संस्थान (Indian Institute of Spices Research) द्वारा विकसित ‘प्रगति’ हल्दी की किस्म किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. ICAR की रिपोर्ट के मुताबिक, इस किस्म के लिए अब तक 7 टेक्नोलॉजी लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं और इसे देश के 9 राज्यों में अपनाया जा चुका है.

संस्थान का अनुमान है कि ‘प्रगति’ किस्म का बड़े स्तर पर इस्तेमाल होने से किसानों को करीब 354 करोड़ रुपये का अनुमानित अतिरिक्त आर्थिक फायदा मिला है. इस किस्म से अच्छी पैदावार और बेहतर क्वालिटी वाली हल्दी मिल रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिल रहे हैं.

बागवानी किसानों को भी मिला फायदा

हल्दी के अलावा ICAR ने बागवानी फसलों के लिए ऐसे खास पोषक तत्व भी तैयार किए हैं, जिनका छिड़काव सीधे पौधों की पत्तियों पर किया जाता है. इससे पौधों को जरूरी पोषण जल्दी मिलता है, उनकी बढ़वार अच्छी होती है और फसल की पैदावार भी बढ़ती है. रिपोर्ट के मुताबिक के मुताबिक, इन नई तकनीकों की मदद से बागवानी फसलों की पैदावार में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. वहीं किसानों की आय में लगभग 25 प्रतिशत तक इजाफा दर्ज किया गया है. अनुमान है कि इससे बागवानी क्षेत्र को भी करीब 354 करोड़ रुपये का आर्थिक फायदा मिला है.

वैज्ञानिक तकनीक से खेती हो रही ज्यादा लाभदायक

ICAR का कहना है कि पिछले 12 वर्षों में वह लगातार ऐसी नई तकनीकें विकसित कर रहा है, जिससे खेती आसान, आधुनिक और किसानों के लिए ज्यादा फायदेमंद बन सके. इन तकनीकों की मदद से फसलों को जरूरी पोषण बेहतर तरीके से मिल रहा है. इसका असर फसल की क्वालिटी और उत्पादन दोनों पर दिखाई दे रहा है. अच्छी पैदावार मिलने से किसानों की लागत कम हो रही है और उनकी कमाई भी पहले के मुकाबले बढ़ रही है.

किसानों के लिए नई उम्मीद

ICAR की इन नई तकनीकों से साफ है कि वैज्ञानिकों की मेहनत का फायदा अब सीधे किसानों तक पहुंच रहा है. चाहे ‘प्रगति’ हल्दी की नई किस्म हो या बागवानी फसलों के लिए तैयार की गई नई पोषक तकनीक, दोनों ही किसानों की पैदावार बढ़ाने, फसल की क्वालिटी सुधारने और कमाई बढ़ाने में मदद कर रही हैं. अगर आने वाले समय में इन तकनीकों का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होता है, तो देश के लाखों किसानों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है. इससे खेती और ज्यादा आधुनिक, आसान और मुनाफे वाली बन सकेगी.

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