Soybean Sowing SOPA: इस बार खरीफ सीजन में सोयाबीन किसानों के लिए अच्छी खबर है. सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SOPA) का कहना है कि, देश में अब तक सोयाबीन की बुवाई तेजी से आगे बढ़ी है और ज्यादातर इलाकों में फसल की स्थिति संतोषजनक है. समय पर हुई बारिश और अनुकूल मौसम की वजह से इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि, कुछ राज्यों में बीजों के खराब अंकुरण की शिकायतें भी सामने आई हैं, लेकिन इनका असर सीमित क्षेत्रों तक ही बताया जा रहा है.
111 लाख हेक्टेयर के पार पहुंचा सोयाबीन का रकबा
SOPA के ताजा आकलन के मुताबिक, देश में सोयाबीन की बुवाई का रकबा 111.082 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है. वहीं, सरकारी आंकड़ों के अनुसार 17 जुलाई तक यह रकबा 108.482 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया है. एसोसिएशन का मानना है कि कुछ राज्यों में अभी भी बुवाई जारी है, इसलिए अंतिम रकबा इससे भी अधिक हो सकता है. इससे साफ है कि, इस साल किसानों का रुझान सोयाबीन की खेती की ओर बना हुआ है.
इन इलाकों में बीजों ने किया निराश
SOPA के किए गए एक सर्वे में पता चला कि, महाराष्ट्र और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बीजों के खराब अंकुरण या फेल होने की समस्या सामने आई है. कुछ किसानों को दोबारा बुवाई भी करनी पड़ी. हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कि, यह समस्या सीमित क्षेत्रों तक ही रही है और इसका पूरे देश के उत्पादन पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है. कुल मिलाकर फसल का विकास सामान्य और उत्साहजनक बताया गया है.
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किस राज्य में कितनी हुई बुवाई?
| राज्य | SOPA के अनुसार बुवाई (लाख हेक्टेयर) | सरकारी आंकड़ा (लाख हेक्टेयर) |
|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 42.45 | 40.13 |
| मध्य प्रदेश | 51.38 | 51.38 (लगभग समान) |
| राजस्थान | 8.45 | – |
| कर्नाटक | 3.56 | – |
| गुजरात | 2.48 | – |
| तेलंगाना | 1.36 | – |
फसल की स्थिति बेहतर, रोग और कीटों का खतरा कम
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SOPA) का कहना है कि ज्यादातर इलाकों में सोयाबीन की फसल अच्छी और स्वस्थ हालत में है. खेतों में खरपतवार रोकने के लिए किए गए उपाय असरदार रहे हैं, जिससे फसल का विकास बेहतर हो रहा है. सबसे राहत की बात यह है कि अब तक कहीं भी बड़े स्तर पर कीटों के हमले या किसी गंभीर बीमारी की सूचना नहीं मिली है. ऐसे में किसानों और कारोबारियों को उम्मीद है कि अगर मौसम साथ देता रहा, तो इस बार सोयाबीन की अच्छी पैदावार हो सकती है.
उत्पादन को लेकर बढ़ी उम्मीदें
अगर आने वाले हफ्तों में मौसम अनुकूल बना रहता है और लगातार अच्छी बारिश होती है, तो इस बार सोयाबीन का उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है. विशेषज्ञों का मानना है कि, स्वस्थ फसल, बड़े रकबे में बुवाई और फिलहाल रोग-मुक्त स्थिति किसानों के लिए सकारात्मक संकेत हैं. हालांकि, किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों की नियमित निगरानी करते रहें और मौसम या कीटों में किसी भी बदलाव की स्थिति में तुरंत कृषि विशेषज्ञों की सलाह लें, ताकि फसल को किसी तरह का नुकसान न हो.