जून में इन 10 सब्जियों की खेती से किसानों को होगा बड़ा फायदा, कम समय में मिलेगी अच्छी कमाई
जून का महीना किसानों के लिए सब्जियों की खेती शुरू करने का बेहतरीन समय माना जाता है. कम समय में तैयार होने वाली कई सब्जियां किसानों को अच्छी कमाई दे सकती हैं. बाजार में इनकी मांग लगातार बनी रहती है. सही किस्म और सही देखभाल से किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
Vegetable Farming: जून का महीना किसानों के लिए सब्जियों की खेती शुरू करने का बेहतरीन समय माना जाता है. इस समय खेतों में नमी अच्छी रहती है और बारिश की शुरुआत भी हो जाती है, जिससे फसलों की बढ़वार तेजी से होती है. किसान खरीफ और रबी सीजन के बीच खाली पड़े खेतों में सब्जियों की खेती करके अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अनुसार, सबसे बड़ी बात ये है कि सब्जियों की फसल कम समय में तैयार हो जाती है और बाजार में इनके दाम भी अच्छे मिलते हैं. अगर किसान सही किस्म और सही तकनीक अपनाएं तो कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
करेला, लौकी और गिलकी से होगी शानदार कमाई
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की ओर से जारी एडवाइजरी में किसानों को सलाह दी गई है कि करेला की खेती किसानों के लिए काफी लाभकारी मानी जाती है. इसकी फसल करीब 55 से 60 दिन में तैयार हो जाती है और बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए करेला काफी फायदेमंद माना जाता है, इसलिए इसकी बिक्री भी अच्छी होती है. लौकी की खेती भी किसानों के लिए मुनाफे का अच्छा जरिया है. लौकी से सब्जी के अलावा हलवा, रायता और कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं. इसकी खेती कम खर्च में आसानी से की जा सकती है. वहीं गिलकी यानी तुरई की मांग भी बाजार में तेजी से बढ़ रही है. इसमें आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. किसान इसकी खेती करके कम समय में अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं.
तोरई, सेम और भिंडी की खेती से मिलेगा अच्छा उत्पादन
तोरई की खेती बारिश के मौसम में सबसे बेहतर मानी जाती है. ICAR के अनुसार, इसकी फसल करीब 70 से 80 दिन में तैयार हो जाती है. बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है और इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है. वहीं सेम की खेती भी किसानों के लिए फायदेमंद विकल्प है. इसकी खेती दोमट और रेतीली मिट्टी में आसानी से की जा सकती है. सेम की उन्नत किस्में किसानों को अच्छा उत्पादन देती हैं. भिंडी की खेती भी कम समय में अच्छा लाभ देने वाली फसल मानी जाती है. बाजार में भिंडी की मांग सालभर बनी रहती है और इसके दाम भी सामान्य रूप से अच्छे मिलते हैं. सही देखभाल और समय पर सिंचाई करके किसान इसकी पैदावार बढ़ा सकते हैं.
पालक, मेथी, धनिया और खीरा से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
ICAR के अनुसार, पालक और मेथी जैसी हरी सब्जियां बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं. पालक की पहली कटाई करीब 25 दिन में शुरू हो जाती है और किसान इसकी कई बार कटाई करके लगातार कमाई कर सकते हैं. मेथी की पत्तियां और दाने दोनों बाजार में बिकते हैं, जिससे किसानों को दोहरा फायदा मिलता है. वहीं धनिया की खेती गर्मियों में काफी लाभकारी होती है, क्योंकि इस मौसम में हरे धनिये के दाम तेजी से बढ़ जाते हैं. खीरा भी गर्मी के मौसम की सबसे ज्यादा बिकने वाली सब्जियों में शामिल है. लोग इसे सलाद के रूप में खूब पसंद करते हैं. शरीर को ठंडक देने के कारण इसकी मांग लगातार बनी रहती है. किसान अगर मौसम और बाजार की जरूरत को ध्यान में रखकर इन सब्जियों की खेती करें तो जून महीने में बंपर मुनाफा कमा सकते हैं.