कड़कड़ाती ठंड में बकरी पालक रहें सावधान, सही देखभाल न हुई तो बढ़ सकता है नुकसान

Winter Goat Care : सर्दियों का मौसम बकरियों के लिए सबसे ज्यादा चुनौती भरा होता है. ठंडी हवा और गिरता तापमान उनकी सेहत पर असर डालता है. थोड़ी सी लापरवाही बीमारी और नुकसान की वजह बन सकती है. सही बाड़ा, संतुलित आहार और सफाई अपनाकर बकरी पालक सर्दियों में बकरियों को सुरक्षित रख सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 8 Jan, 2026 | 09:22 PM

Goat Farming : जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे बकरी पालकों की परेशानी भी बढ़ने लगी है. सर्दियों का मौसम बकरियों के लिए सबसे ज्यादा चुनौती भरा माना जाता है. ठंडी हवा, कोहरा और गिरता तापमान उनकी सेहत पर सीधा असर डालता है. अगर इस दौरान थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए, तो बकरियां बीमार पड़ सकती हैं और कई बार मौत तक हो जाती है. यही वजह है कि ठंड शुरू होते ही बकरी पालकों को पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए. सही देखभाल, अच्छा आहार और सुरक्षित बाड़ा अपनाकर बकरियों को सर्दी के कहर से बचाया जा सकता है.

बाड़े की मजबूत व्यवस्था बने पहली ढाल

सर्दियों में बकरियों  को ठंड से बचाने के लिए सबसे जरूरी है उनका बाड़ा. बाड़े में कहीं से भी ठंडी हवा अंदर न आए, इसका खास ध्यान रखें. दीवारों और छत में बने छेदों को तिरपाल, प्लास्टिक शीट या जूट की बोरियों से ढक दें. फर्श पर सूखी घास, भूसा या चटाई बिछाना फायदेमंद रहता है, जिससे जमीन की ठंड सीधे बकरियों तक न पहुंचे. ध्यान रखें कि बिछावन गीली न हो, क्योंकि नमी से बीमारियां तेजी से फैलती  हैं. बाड़े के फर्श पर समय-समय पर चूने का छिड़काव करने से नमी कम होती है और गर्माहट बनी रहती है.

ठंड में सही आहार से मिलेगी ताकत

सर्दियों में बकरियों को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. इस मौसम में उनके आहार में थोड़ा बदलाव करना जरूरी होता है. अरहर, चना और मसूर का भूसा बकरियों के लिए फायदेमंद माना जाता है. शरीर में गर्मी बनाए रखने के लिए रोजाना थोड़ी मात्रा में मेथी और गुड़ खिलाना लाभकारी रहता है. हरी पत्तियों  में नीम, पीपल, जामुन, बरगद और बबूल की पत्तियां बकरियों की सेहत को मजबूत बनाती हैं. पानी भी साफ और गुनगुना मिले तो बेहतर होता है, ताकि ठंड से उन्हें कोई नुकसान न हो.

बीमारियों से बचाव के लिए सफाई और टीकाकरण जरूरी

ठंड के मौसम में बकरियों में सर्दी, खांसी और निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़  जाता है. इसलिए समय पर टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है. बाड़े की नियमित सफाई करें और कीटाणुओं से बचाव के लिए चूना या फिनायल का छिड़काव करते रहें. अगर कोई बकरी सुस्त दिखे, खाना कम खाए या सांस लेने में दिक्कत हो, तो उसे नजरअंदाज न करें. तुरंत अलग रखें और इलाज की व्यवस्था करें, ताकि बीमारी दूसरी बकरियों तक न फैले.

छोटे-छोटे उपाय, बड़ा फायदा

ठंड से बचाने के लिए बकरियों को जूट की बोरियों से बनी पल्लियां ओढ़ाई जा सकती हैं या नीचे बिछाई जा सकती हैं. रात के समय हल्की आग जलाकर बाड़े में गर्माहट बनाए रखें, लेकिन आग से पूरी सुरक्षा रखें. दिन में जब धूप निकले, तो बकरियों को कुछ देर बाहर धूप में जरूर निकालें. इससे उनका शरीर गर्म रहता है और सेहत भी अच्छी बनी रहती है. सही देखभाल अपनाकर बकरी पालक  सर्दियों में होने वाले नुकसान से आसानी से बच सकते हैं.

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Published: 8 Jan, 2026 | 09:22 PM

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