गर्मियों में करेले की टॉप किस्मों से कम मेहनत में ज्यादा पैदावार, किसान कमा सकते हैं लाखों का मुनाफा!

गर्मी के मौसम में करेले की उन्नत किस्में किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं. पूसा हाइब्रिड-6, 5 और 4 जैसी किस्में कम समय में अच्छी पैदावार देती हैं. बाजार में अधिक मांग और बेहतर कीमत मिलने से किसान कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 13 May, 2026 | 07:53 PM

Bitter Gourd Farming: गर्मी का मौसम शुरू होते ही किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि ऐसी कौन सी फसल लगाई जाए, जिससे कम समय में अच्छा मुनाफा मिल सके. ऐसे में करेले की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आ रही है. खास बात ये है कि ICAR द्वारा विकसित करेले की कुछ खास किस्में कम समय में ज्यादा पैदावार देकर किसानों की कमाई बढ़ा रही हैं.

ग्रीष्मकाल में करेले की खेती क्यों फायदेमंद

गर्मी के मौसम में बाजार में करेले की मांग  काफी बढ़ जाती है. लोग इसे सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं, जिससे इसकी बिक्री लगातार बनी रहती है. यही वजह है कि किसान इस समय इसकी खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को जल्दी आय देने का मौका देती है. अगर सही किस्म और तकनीक अपनाई जाए, तो यह खेती बहुत लाभदायक साबित हो सकती है.

पूसा हाइब्रिड-6 से जल्दी और ज्यादा उत्पादन

पूसा हाइब्रिड-6 (DBGH-542) एक उन्नत किस्म है, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली ने विकसित किया है. यह किस्म खासतौर पर ठंडे और सामान्य इलाकों में अच्छी पैदावार देती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल 44 से 48 दिनों में तैयार हो जाती है. इस किस्म से किसान लगभग 34 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उनकी कमाई बढ़ने की संभावना ज्यादा रहती है.

पूसा हाइब्रिड-5: हर मौसम में फायदेमंद

पूसा हाइब्रिड-5 भी किसानों के बीच काफी लोकप्रिय  है. इसके फल गहरे हरे रंग के होते हैं, जो बाजार में जल्दी बिकते हैं और अच्छे दाम दिलाते हैं. यह किस्म गर्मी और बरसात दोनों मौसमों में उगाई जा सकती है. इसकी फसल भी लगभग 44 से 48 दिनों में तैयार हो जाती है. इसके अलावा यह किस्म कई रोगों के प्रति सहनशील होती है, जिससे किसानों का नुकसान कम होता है और उत्पादन करीब 24.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक मिल सकता है.

पूसा हाइब्रिड-4 और मुनाफे का पूरा गणित

पूसा हाइब्रिड-4 (DBGH-12) करेले की एक खास संकर किस्म  है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है. यह किस्म लगभग 55 से 60 दिनों में तैयार होती है और सही देखभाल करने पर ज्यादा उत्पादन देती है. अगर मुनाफे की बात करें, तो करेले की इन किस्मों की खेती से किसान अच्छा लाभ कमा सकते हैं. मान लें कि किसान 50 क्विंटल तक उत्पादन करते हैं और बाजार में 40 से 50 रुपये प्रति किलो का भाव मिलता है, तो उन्हें लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये तक का मुनाफा हो सकता है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 13 May, 2026 | 05:30 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

मध्य प्रदेश के किस वैरायटी के गेहूं को जीआई टैग मिला है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
धान (चावल)
विजेताओं के नाम
संजीव कुमार, रेवाड़ी, हरियाणा