Organic Fertilizer: शहर भर में पत्तियों के कंपोस्टर लगाए जाएंगे, जो कचरे को उपयोगी जैविक खाद में बदलेंगे और सामुदायिक भागीदारी व सतत् शहरी कचरा प्रबंधन को प्रोत्साहित करेंगे. यह पहल कचरे के प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. बेंगलुरु सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड (BSWML) ने शहर के इलाकों में 47 पत्तियों से खाद बनाने की इकाईयां स्थापित करने के लिए आदेश जारी किया है. “नम्मा येले नमा गोबरा” (हमारे पत्ते, हमारी खाद) नमक पहल का उद्देश्य लगातार बढ़ रहे पत्तियों के कचरे की समस्या से निपटना है, जो अक्सर काले धब्बे में बदल जाता है या जलाए जाने पर वायु प्रदूषण को बढ़ाता है. पत्तों के कचरे को खाद में बदलकर, लोग जल्द ही घर के बगीचे और छत बागवानी के लिए पोषक तत्वों से भरपूर खाद का प्रयोग कर पाएंगे.
लीफ कंपोस्टर इंस्टॉलेशन कार्य
10 अक्टूबर को, BSWML ने लीफ कंपोस्टर की आपूर्ति और इंस्टॉलेशन के लिए कार्य आदेश जारी किया. कोरमंगला प्रथम ब्लॉक RWA के अध्यक्ष लंबे समय से BSWML के साथ संपर्क में थे. BSWML के CEO द्वारा इस पहल का समर्थन और आदेश जारी करने के बाद कार्य को प्रगति के साथ शुरू किया गया.
सामुदायिक भागीदारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सपर्ट्स बताते है कि बेंगलुरु में कई उत्साही और जानकार नागरिक है जो कचरे को पृथक करने और जमीन के अंदर दबाए जाने वाले कचरे को कम करने के लिए BSWML के साथ जुड़ने के इच्छुक हैं। हमने एक स्ट्रीट लीफ मैनेजमेंट योजना का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत हर एक इलाके के वालंटियर उन गलियों की पहचान करेंगे जहां पत्तों का कूड़ा अधिक है और लीफ कंपोस्टर लगाने के लिए उपयुक्त स्थान होगा. वालंटियर इन कंपोस्टरों का रखरखाव करेंगे और कंपोस्ट निवासियों के बीच बांटा जाएगा. CEO की सहमति के बाद, हमने आपूर्ति और इंस्टॉलेशन के लिए एक विक्रेता से संपर्क किया और इच्छुक निवासियों के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है. प्रतिक्रियाओं के आधार पर पूरे शहर में कंपोस्टर लगाए जाएंगे.
100 कंपोस्टर लगाए जा चुके हैं
उन्होंने आगे बताया कि “कोरमंगला में विधायक निधि से पहले ही 100 कंपोस्टर लगाए जा चुके हैं, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं और सड़कों पर फूल पत्ते का कचरा नहीं दिखाई देता है.” उन्होंने कहा ” नए कंपोस्टर लगने के बाद हम पौराकर्मिकाओं को सड़कों पर पड़े पत्ते के कूड़े के लिए, इनका प्रयोग करने के लिए जागरूक करेंगे. वालंटियर कंपोस्टरों की निगरानी करेंगे और जरूरत के अनुसार पानी, गोबर या सूक्ष्मजीव डालकर स्थानीय बगीचों और छतों के लिए गुणवत्तापूर्ण कंपोस्ट तैयार करेंगे.
किचन बागवानी को मिलेगा बढ़ावा
खाद बनाने का पहला चरण 4 से 5 महीने का होने की संभावना है, इसके बाद निवासियों को पौधे और बगीचों के लिए अच्छी खाद मिलेगी. बलराम ने आगे कहा -” निवासी पूजा के फूल, फल और सब्जियों के छिलके इस कंपोस्टर में डाल सकते हैं. इससे घर पर बागवानी को बढ़ावा मिलेगा और इलाके में कचरे को जलाने से भी मुक्ति मिलेगी.”