सरसों का साग : 30 दिन में तैयार फसल, बाजार में खूब डिमांड, प्रति एकड़ 70 हजार तक की कमाई

रबी सीजन में सरसों का साग खूब शौक से खाया जाता है. इसमें कई औषधीय पोषक तत्व पाए जाने की वजह से भी इसकी बाजार में डिमांड बढ़ जाती है. किसान अब सरसों की खेती के लिए ही नहीं बल्कि सरसों का साग लगाकर और बाजार में बेचकर शानदार कमाई कर रहे हैं. जिससे किसानों की आमदनी में इजाफा हो रहा है.

किसान इंडिया डेस्क
नोएडा | Published: 8 Jan, 2026 | 02:32 PM

कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग ने किसानों की आय के नए दरवाजे खोल दिए हैं. आज किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ तिलहन और सब्जियों जैसी जल्दी से तैयार होने वाली फसलों की ओर भी रुख कर रहे हैं. ऐसी ही एक फायदे वाली फसल है सरसों का साग। जो कम समय और कम लागत में तैयार हो जाती है साथ ही किसानों की अच्छी कमाई का साधन भी बन रही है.

किसानों के लिए आय बढ़ाने के नए रास्ते तेजी से खुल रहे हैं. किसान अपने खेत में सरसों की बुवाई करके मोटी कमाई हासिल कर सकते हैं. सरसों का साग 30 दिन में पौधे पर तैयार हो जाता है. इसे बेचकर किसान 30 दिन में ही शानदार कमाई कर सकते हैं. यह सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक होती है. वैसे तो देश के कई जिलों में सरसों के साग की खेती करके के अच्छा उत्पादन लिया जा रहा है, लेकिन किसान थोड़ी सूझ-बूझ के साथ सही तकनीक और उन्नत किस्म के बीजों का प्रयोग करें तो उत्पादन बढ़ सकता हैं.

सरसों के साग से मिल रहा मुनाफा

किसान सरसों की खेती करने में निरंतर रुचि दिखा रहे हैं. सितंबर–अक्टूबर तक सरसों की बुवाई का समय रहता है. दिसंबर से लेकर जनवरी तक फसल आना शुरू हो जाती है. अगेती आलू की फसल के बाद भी किसान उसी खेत में सरसों की बुवाई कर लेते हैं, जिससे उनका समय और जमीन दोनों का पूरा उपयोग हो पाता है.
अब खेती-किसानी के तौर-तरीके तेजी से बदल रहे हैं. खेती में तकनीकों का इस्तेमाल निरंतर बढ़ रहा है. किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल्दी तैयार होने वाली और अधिक लाभ देने वाली उन्नत फसलों को अपनाने लगे हैं.  सरसों भारत की प्रमुख तिलहन फसल है, जिसे रबी सीजन में उगाया जाता है. सरसों के साग की बढ़ती मांग किसानों को बाजार में अच्छे दाम दिला रही है.

बाजार में बढ़ती डिमांड से हो रही तगड़ी कमाई

बड़ी संख्या में किसान सरसों की खेती कर रहे हैं कुछ किसान साग के लिए और कुछ तेल निकालने के लिए सरसों उगाते हैं. सरसों की खेती करने वाले किसान बताते हैं कि सरसों के साग की खेती से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। यह फसल कम समय में तैयार होती है और इसकी बिक्री तुरंत हो जाती है. बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिल रहा है.

30 दिनों में तैयार फसल, किसानों के लिए बड़ी राहत

किसानों का कहना है कि सरसों के साग की फसल 25–30 दिनों में तैयार हो जाती है, जबकि पूरी सरसों की फसल को पकने में लगभग तीन महीने लगते हैं. यह फसल न केवल भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है, बल्कि किसानों को जल्दी आय देती है. भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था में सरसों एक महत्वपूर्ण तिलहन फसल है और किसानों की आजीविका का मजबूत आधार भी है.

एक एकड़ से 50–70 हजार रुपये की कमाई

किसान बताते हैं कि एक एकड़ में सरसों की खेती से अच्छा उत्पादन मिलता है. इसके साथ ही सरसों फसल मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाती है. यदि मौसम व फसल बेहतर रही तो प्रति एकड़ 50 से 70 हजार रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है. वह सालभर में मक्का, धान और हरी सब्जियों की फसलों से लगभग 4–5 लाख रुपये की आय प्राप्त कर रहे हैं. सरसों के साग की खेती उनकी आमदनी में अतिरिक्त बढ़ोतरी कर रही है.

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Published: 8 Jan, 2026 | 02:32 PM

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