सरसों की फसल पर मंडरा रहा बड़ा खतरा, समय रहते नहीं संभले तो मेहनत पर फिर सकता है पानी
सरसों की फसल पर इन दिनों रस चूसक कीट का खतरा बढ़ गया है. यह कीट फूल, पत्तियों और फलियों को नुकसान पहुंचाकर पैदावार घटा सकता है. समय पर पहचान और सही बचाव न किया गया, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
Mustard Crop : ठंड की सुबह, खेतों में लहलहाती पीली सरसों और खुशहाल किसान.. यही तस्वीर हर साल इस मौसम में देखने को मिलती है. लेकिन इस बार इस खूबसूरत नजारे के बीच एक छोटा सा कीट चुपचाप बड़ा नुकसान कर रहा है. सरसों की फलियों, फूलों और पत्तियों का रस चूसने वाला मस्टर्ड एफिड तेजी से फैल रहा है. अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो फसल की पैदावार आधी से ज्यादा घट सकती है.
सरसों के लिए क्यों खतरनाक है मस्टर्ड एफिड
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरसों की फसल 40 से 60 दिनों में तैयार होती है और इसी दौरान इसमें फूल और फलियां आती हैं. यह समय फसल के लिए सबसे अहम होता है. इसी वक्त मस्टर्ड एफिड का हमला बढ़ जाता है. ये छोटे-छोटे कीट तने, पत्तियों, फूलों और कोमल फलियों का रस चूस लेते हैं. नतीजा यह होता है कि पौधा कमजोर पड़ने लगता है, बढ़वार रुक जाती है और धीरे-धीरे सूखने लगता है. अगर प्रकोप ज्यादा हो जाए, तो 50 से 60 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है.
कैसे पहचानें कि फसल पर कीट का हमला है
मस्टर्ड एफिड की पहचान करना ज्यादा मुश्किल नहीं है. पास से देखने पर पौधों पर छोटे सफेद या हल्के हरे कीड़े नजर आते हैं. जैसे-जैसे इनकी संख्या बढ़ती है, वैसे-वैसे पौधे काले पड़ने लगते हैं. पीले फूलों पर कीटों की मोटी परत दिखने लगती है. कई बार खेत दूर से ही मुरझाया हुआ दिखाई देने लगता है. यही संकेत है कि अब तुरंत बचाव जरूरी है.
बिना खर्च का देसी उपाय, घर पर ही करें तैयार
अगर कीट शुरुआती अवस्था में हैं, तो किसान बिना ज्यादा खर्च किए देसी तरीका अपना सकते हैं. नीम आधारित घोल इस समय काफी असरदार साबित होता है. नीम की पत्तियों को पानी में भिगोकर उसमें थोड़ा सा कपड़े धोने का साबुन मिलाएं. एक-दो दिन बाद इस घोल का छिड़काव फसल पर करें. यह उपाय न सिर्फ सस्ता है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है. नियमित छिड़काव से कीटों की संख्या काफी हद तक कम हो जाती है.
जब बढ़ जाए प्रकोप, तब अपनाएं रासायनिक उपाय
अगर खेत में कीटों का हमला ज्यादा हो चुका है, तो रासायनिक दवाओं का सहारा लेना पड़ता है. सही मात्रा में दवा को पानी में घोलकर छिड़काव करने से एफिड के साथ दूसरे हानिकारक कीट भी खत्म हो जाते हैं. इससे फूल और फलियों की बढ़वार दोबारा शुरू होती है और फसल को राहत मिलती है. ध्यान रहे कि छिड़काव सुबह या शाम के समय करें और जरूरत से ज्यादा दवा न डालें.